उत्तर प्रदेशसोनभद्र

हरियाली महोत्सव : एनसीएल व वन विभाग ने किया आयोजन।

एनसीएल कृष्णशिला में वन विभाग के साथ मिलकर मनाया गया “हरियाली महोत्सव।

हरियाली महोत्सव : एनसीएल व वन विभाग ने किया आयोजन। एनसीएल कृष्णशिला में वन विभाग के साथ मिलकर मनाया गया “हरियाली महोत्सव। हरियाली महोत्सव : भारत सरकार की मिनीरत्न कम्पनी नॉर्दर्न कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के कृष्णाशिला क्षेत्र में उत्तर प्रदेश वन विभाग के तत्वावधान में “हरियाली महोत्सव” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

यह कार्यशाला एनसीएल की खदानों में वनीकरण, जैव विविधता, भूमि सुधार, पारिस्थितिकी तंत्र की पुनर्स्थापना जैसे अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित थी।

कार्यशाला के दौरान एनसीएल एवं कृष्णशिला क्षेत्र द्वारा पर्यावरण के क्षेत्र में अभी तक किए गए कार्यों तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं का संक्षिप्त उल्लेख भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान एनसीएल के सीएमडी भोला सिंह बतौर मुख्य अतिथि तथा डीएफओ रेणुकूट मनमोहन मिश्रा एवं एसडीओ (वन) पिपरी श्रीमती उषा देवी बतौर विशिष्ट अतिथि व मुख्य वक्ता उपस्थित रहे।

इसके साथ ही कृति महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती बिन्दु सिंह, मुख्यालय के विभागाध्यक्ष, क्षेत्रीय महाप्रबंधकगण, कृति महिला मंडल की सदस्याएं तथा कृष्णाशिला क्षेत्र के विभागाध्यक्ष व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सभा को सम्बोधित करते हुए सीएमडी एनसीएल भोला सिंह ने बायोरिक्लेमेशन में टॉप स्वाइल (ऊपर की मिट्टी) के महत्व के बारे में बताया और इसके संरक्षण पर विशेष ज़ोर दिया। श्री सिंह ने खदानों को प्रभावी ढंग से हरित आवरण से ढकने के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध मियावाकी तकनीक के बारे में भी जानकारी दी।

उन्होंने कृष्णाशिला परियोजना को 7.5 एमटीपीए पर्यावरण मंजूरी और संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए बधाई दी और विश्वास जताया कि एनसीएल सभी पर्यावरणीय मानकों पर खरी उतरते हुए एक बार पुनः अपने लक्ष्य को प्राप्त करेगी।

कार्यक्रम के दौरान एसडीओ (वन) पिपरी श्रीमती उषा देवी ने साबरी जलप्रपात के कैचमेंट क्षेत्र के सुधार की सफल परियोजना के बारे में बताया और साथ ही “मियावाकी” वनरोपण तकनीक के बारे में भी विस्तार से बात की।

इस दौरान डीएफओ रेणुकूट, मनमोहन मिश्रा ने कहा कि प्राचीन काल से ही भारत में प्रकृति और पेड़ों का विशेष महत्व रहा है और हमें इनके संरक्षण के लिए हर सम्भव प्रयास करना चाहिए। श्री मिश्रा ने पौधों को बचाने के लिए सरल तकनीकों और दैनिक आदतों के बारे में विस्तार से चर्चा की।

इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत में कृष्णशिला क्षेत्र के सम्बंधित विभाग के अधिकारियों ने खदानों में भूमि व जैविक सुधार के लिए नवाचारी वैकल्पिक विधियों के बारे में प्रस्तुति दी और पर्यावरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। यह कार्यक्रम महाप्रबंधक कृष्णशिला क्षेत्र एसपी सिंह की निगरानी में आयोजित किया गया था और इस दौरान करीब 150 लोग मौजूद रहे।

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