धर्म/संस्कृतिसोनभद्र

महिला को स्वप्न में दिखे चट्टान के नीचे दबे हनुमानजी, चट्टान हटाने पर मिली मूर्ति।

महिला को स्वप्न में दिखे चट्टान के नीचे दबे हनुमानजी, चट्टान हटाने पर मिली मूर्ति। दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत मल्देवा गांव के करमदाड़ टोला में स्थित प्राथमिक विद्यालय के ठीक बगल से गुजरी लौवा नदी में चट्टानों के बीच एक शीला खण्ड को एक आदिवासी महिला द्वारा विधि विधान से पूजन अर्चन किया जा रहा था। खबर सुनते ही मौके पर देखते ही देखते हजारों ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके बाद गाजे बाजे के साथ उक्त शीला खण्ड को अपने गांव बभनी थाना क्षेत्र के घघरी ले गयी। अब दूर दराज से लोगों की भारी भीड़ हनुमानजी के दर्शनों के लिए उमड़ रही है।

महिला को स्वप्न में दिखे चट्टान के नीचे दबे हनुमानजी, चट्टान हटाने पर मिली मूर्ति।
भगवान के दर्शन को एकत्रित ग्रामीणों की भीड़। फोटो : महामना न्यूज़।

वहीं आदिवासी विवाहिता बिंदु गौड़ ने बताया कि उसे स्वप्न में हनुमानजी के दर्शन हुए स्वप्न में हनुमानजी ने बताया था कि मैं उक्त चट्टानों के बीच दबा हुआ हूँ, तुम मुझे वहां से ला कर अपने यहां घघरी में मंदिर बनवाओ। तुम्हारी सभी मनोकामना पूर्ण होगी और लोगों का कल्याण होगा।

साथ ही साथ लोगों की समस्याओं का भी निवारण होगा। मैं दो दिनों से यहाँ इस पथ्थर को ढूढ़ रही थी। कल दोपहर मुझे यहाँ चट्टान के नीचे दबी मूर्ति मिली है। आज शुक्रवार की सुबह विधि विधान से पूजन अर्चन कर के गाजे बाजे के साथ अपने घर ले जाने की तैयारी कर रही हूं।

महिला को स्वप्न में दिखे चट्टान के नीचे दबे हनुमानजी, चट्टान हटाने पर मिली मूर्ति।
फोटो : महामना न्यूज़।

देखते ही देखते भारी भीड़ इकट्ठा हो गयी है। सभी लोग पूजा अर्चना कर रहे है। अब इस मूर्ति को मैं अपने गांव घघरी बभनी थाना क्षेत्र में उठा कर ले जाऊंगी।

बिंदु गोंड पत्नी राजपति निवासी घघरी पिछले दो दिनों से उक्त स्वप्न में आये स्थल पर उस पत्थर को ढूंढ रही थी कि गुरुवार की दोपहर बाद उसे सफलता मिली और उसने दो चट्टानों के बीच से स्वप्न में आये पत्थर को ढूंढ निकाला। महिला के आस्था को देखने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी पड़ी।

मल्देवा गांव के देव नारासी व स्थानीय ग्रामीण लक्ष्मी देवी ने बताया कि एक बभनी की आदिवासी महिला आयी है। जो नदी में स्थित एक पत्थर का पूजा अर्चन कर रही है। उसके आस्था के स्वरूप पत्थर को देखने हजारों ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी है। बताया जा रहा कि उक्त विवाहिता के हित नात उस गांव में हैं, जिनकी मदद से उसने स्वप्न के मुताबिक पत्थर को ढूंढ निकाला।

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