मध्यप्रदेशसिंगरौली

सिंगरौली : पुलिस पर पथराव के बाद शुरू हुई राजनीति, मामले को जातीय रूप में गढ़ने लगे नेता।

Singrauli: Politics started after stone pelting on police, leaders started fabricating the matter as caste.

सिंगरौली : मंगलवार को सिंगरौली जिले के विंध्यनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले जयंत पुलिस चौकी क्षेत्र के जैतपुर वार्ड नंबर 20 में हुई पथराव की घटना में घायलों के घाव अभी सुख भी नहीं पाए थे कि अब इस मामले में राजनीति शुरू हो गई है।

दरअसल जो मामला अवैध अतिक्रमण का था, अब उसे जाति समीकरण में पिरोने का भरसक प्रयास नेताओं के द्वारा शुरू कर दिया गया है एवं मामले में जमकर राजनीति होने लगी है। एक तरफ जहां सही और गलत को लेकर अभी कार्रवाई जारी है। पुलिस कप्तान के समक्ष दिए आवेदन एवं पुलिस टीम पर हुए हमले पर गौर करें तो संबंधित मामले का जो वीडियो निकल कर सामने आया है, उस पर कहीं ना कहीं पुलिस के ऊपर लगाए गए आरोपों का खंडन स्वयमेव हो जा रहा है एवं नेता अपनी राजनीति की रोटी संबंधित मामले में सेंकने में जुट गए हैं।

कयास तो यह लगाया जा रहा है कि संबंधित मामले को आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए एक मुद्दे के तौर पर वोटरों को साधने का प्रयास जनप्रतिनिधि करने के फिराक में हैं।

घटना को दिया जा रहा राजनैतिक रूप –
जयंत क्षेत्र के जैतपुर वार्ड में अतिक्रमण के खिलाफ हुई कार्रवाई में जहां पथराव के कारण जयंत पुलिस चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह भदोरिया सहित नॉर्दर्न कोलफील्ड लिमिटेड के सुरक्षाकर्मियों पर पथराव के कारण उन्हें गंभीर चोट आई। संबंधित घटना के बाद एक तरफ जहां पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया एवं तीन लोगों की इसमें गिरफ्तारी भी कर ली गई। वहीं गिरफ्तारी एवं पुलिस की कार्रवाई से भयभीत होकर अतिक्रमण कर्ता के परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे, जिसमें की कांग्रेस पार्टी की नेत्री रेनू शाह की अगुवाई में पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पुलिस विभाग की कार्रवाई को लेकर असंतोष व्यक्त किया एवं कार्रवाई की मांग की है।

वहीं दूसरी तरफ इस पूरे घटनाक्रम में जिस तरह से अतिक्रमणकर्ताओं ने अतिक्रमण विरोधी दस्ते को लेकर उन पर आरोप लगाए गए हैं, उन आरोपों का खंडन भी संबंधित कार्रवाई के दौरान बनाए गए वीडियो को देखने के बाद हो जा रहा है। दरअसल वीडियो में स्पष्ट तौर पर प्रतीत हो रहा है कि संबंधित घटनाक्रम में दोषी कौन है?

आरोपों को झूठलाता घटनाक्रम का वीडियो-

अवैध अतिक्रमण की कार्रवाई को लेकर हुए पथराव की घटना के मद्देनजर अतिक्रमण करने वाले लोगों एवं उनके परिवार के द्वारा पुलिस कप्तान के समक्ष शिकायत देकर कहा गया है कि संबंधित घटनाक्रम के दौरान अतिक्रमण हटाने गई टीम के द्वारा परिवार के सदस्यों को एक तरफ जहां लाठी डंडों की सहायता से पीटा गया, जिससे कि उन्हें चोटें आई एवं महिलाओं को घसीटा गया। महिला पुलिस कर्मी या सुरक्षा कर्मी नदारद रहे। इस तरह के कई आरोप लगाए गए हैं। गनीमत यह रही कि संबंधित मामले का विडियो है। अतिक्रमण विरोधी दस्ते के द्वारा संबंधित घटनाक्रम का वीडियो बनाया गया। वीडियो में स्पष्ट तौर पर अतिक्रमण करने वाले परिवारजनों को दीवार गिरने के कारण चोट लगी एवं दीवार गिरने की घटना के बाद पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों के द्वारा उन्हें मलबे से निकाला गया।

उसी दौरान दूसरे पक्ष के द्वारा पथराव शुरू कर दिया गया। पथराव होने के दौरान दूर खड़े जयंत पुलिस चौकी प्रभारी सहायक निरीक्षक जितेंद्र सिंह भदोरिया एवं एनसीएल के सुरक्षाकर्मियों को पत्थर जा लगे एवं उन्हें गंभीर चोट आ गई।

क्या नेता कर रहे अतिक्रमण का समर्थन ?
अतिक्रमण विरोधी हुई कार्रवाई के बाद जब एक टीवी चैनल के पत्रकार ने सिंगरौली जिले के नगर निगम क्षेत्र के पूर्व महापौर रेनू शाह से बात कि और संबंधित मामले को लेकर उनसे जानना चाहा कि अतिक्रमण सही है या फिर पुलिस की कार्रवाई ?

संबंधित मामले को लेकर अपने राजनैतिक पृष्ठभूमि को ही तवज्जो देती रहीं। पूर्व महापौर हालांकि इस पूरे मामले पर उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि संबंधित कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण करने वालों को पूर्व में नोटिस दिया जाना चाहिए था एवं संबंधित कार्रवाई को लेकर महिला सुरक्षा कर्मी एवं महिला पुलिस कर्मियों को भी मौके पर मौजूद होना चाहिए था। बातों ही बातों में पूर्व महापौर ने प्रशासन एवं अतिक्रमणकारियों को सही बताते हुए मिला जुला जवाब देते नजर आई। तो वहीं इस पूरे मामले में आपको बताते चलें कि संबंधित कार्रवाई को लेकर पूर्व महापौर के द्वारा लगाए जा रहे इल्जाम पर यदि गौर करें तो संबंधित सभी बयान राजनीति से प्रेरित नजर आ रहे हैं एवं पूरे मामले पर प्रशासन को भी गलत ठहरा देना कहीं ना कहीं प्रशासन की साख पर बट्टा लगाने जैसा है।

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