FEATUREDसोनभद्र

25 जून तक खाली करो घर नहीं तो होगा बल प्रयोग, बेबस ग्रामीणों का सुध लेने वाला कोई नहीं।

एनटीपीसी ने भवानी नगर वासियों को दिया बेदखली का नोटिस।

25 जून तक खाली करो घर नहीं तो होगा बल प्रयोग, बेबस ग्रामीणों का सुध लेने वाला कोई नहीं। एनटीपीसी ने भवानी नगर वासियों को दिया बेदखली का नोटिस। बरसात में ग्रामीण हो जाएंगे बेघर, एनटीपीसी ने दिया बेदखली का नोटिस। 25 जून तक मकान व दुकान खाली करने का नोटिस भवानी नगर वासियों को एनटीपीसी प्रबंधन ने दिया है। एनटीपीसी सिंगरौली के संपदा अधिकारी द्वारा जारी बेदखली के नोटिस में 25 जून तक घर व मकान को हटाने का नोटिस दिया गया है। यदि दिए गए तारीख के अंदर मकान व दुकान नहीं हटाई जाती है तो बल प्रयोग करके बेदखल किया जाएगा।

25 जून तक खाली करो घर नहीं तो होगा बल प्रयोग, बेबस ग्रामीणों का सुध लेने वाला कोई नहीं।

एनटीपीसी सिंगरौली विद्युत संयंत्र के तृतीय चरण विस्तार अंतर्गत 860 मेगा वाट के दो यूनिट का निर्माण होना है। जिसके लिए आवश्यक भूमि को एनटीपीसी सिंगरौली द्वारा खाली कराए जाने हेतु बेदखली का नोटिस जारी किया गया है। इससे पूर्व दिसंबर 2019 में भी एनटीपीसी सिंगरौली द्वारा भवानी नगर वासियों को बेदखली का नोटिस जारी किया गया था। अब मानसून के बीच बेबस ग्रामीणों को बेघर होने का डर सताने लगा है। गैर प्रदेश व जिलों से आए मजदूरों ने कई दशक पूर्व रिहंद डैम से सटे डूब क्षेत्र में कड़ी मेहनत कर अपना आशियाना बसाया था और 1977-78 में एनटीपीसी पावर प्लांट के निर्माण के समय से मजदूरी कर अपना गुजर बसर कर रहे हैं।

25 जून तक खाली करो घर नहीं तो होगा बल प्रयोग, बेबस ग्रामीणों का सुध लेने वाला कोई नहीं।
एनटीपीसी द्वारा ग्रामीणों के घरों पर चस्पा किया गया नोटिस।

78 वर्षीय रामवृक्ष सिंह, 68 वर्षीय जवाहर शर्मा और 65 वर्षीय चंपा देवी से एनटीपीसी द्वारा प्राप्त बेदखली की नोटिस मिलने की बात पूछने पर उनकी आंखों से आंसू निकलने लगे और उन्होंने बताया कि लगभग 40 वर्ष पूर्व वह सभी एनटीपीसी पावर प्लांट के निर्माण में अपना योगदान दिए। लेकिन आज उसी पावर प्लांट के विस्तार के कारण हम सभी बेघर होने के कगार पर हैं। जिस पावर प्लांट के निर्माण के समय से अब तक वह व उनके बाद की पीढ़ी मजदूरी कर रही है, आज एनटीपीसी हम सभी को बेदखली का नोटिस देकर बेघर करने पर उतारू है।

पलामू से आकर भवानी नगर में बसे मोहन चोरों ने बताया कि उनके माता-पिता पावर प्लांट निर्माण के समय शक्तिनगर आए थे और उनका जन्म यहीं हुआ, तब से लेकर वह भी इसी जमीन पर पले बढ़े हैं। हाजीपुर बिहार से आकर भवानी नगर में बसे 62 वर्षीय राजेश चौधरी ने डबडबाती आंखों के साथ बताया कि 42 वर्षों से इसी जमीन पर काबीज हैं, जान दे देंगे लेकिन जाएंगे नहीं।बिहार से आकर बसे प्रमोद सिंह, हृदयानंद गुप्ता, सुनीता देवी, परशुराम गुप्ता आदि ने कहा कि राष्ट्र निर्माण और प्लांट विस्तार के कार्यों में हम अवरोध नहीं बनना चाहते, लेकिन एनटीपीसी सिंगरौली को भी समझना होगा कि लगभग 40 वर्षों से हम इसी जमीन पर गुजर बसर कर रहे हैं तो हमें कहीं और स्थानांतरित करने की व्यवस्था कराएं, जिससे हम भी बेघर ना हो और हमारी आजीविका भी चलती रहे।

भवानी नगर वासियों ने कहा कि यदि हमें बल प्रयोग कर बेदखल करने का प्रयास किया जाता है तो हम सभी बुलडोजर के नीचे आकर अपना जान दे देंगे। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि भवानी नगर की भूमि के अधिकार के लिए कुछ वर्ष पूर्व ग्रामीणों ने माननीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन कोरोना महामारी के कारण कोई सुनवाई आगे नहीं हुई। गांव के कुछ युवक गुरुवार को जिला मुख्यालय पर न्यायालय में गए हुए हैं। अब देखना है कि बरसात के बीच यदि बेबस भवानी नगर वासियों को बेघर करने का प्रयास किया जाता है तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों का रुख क्या होगा ?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button