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मजदूर की बेटी ने हाई स्कूल में किया टॉप, गरीब की बेटी का डॉक्टर बनने का सपना।

सोनभद्र, यूपी ।

मजदूर की बेटी ने हाई स्कूल में किया टॉप, गरीब की बेटी का डॉक्टर बनने का सपना। ”मेरे इरादों पर आंधियों को हैरत है, एक चिराग बुझता है सौ चिराग जलते हैं”, सोनभद्र जिले की हाईस्कूल की छात्रा ममता कुमारी ने बेहद निर्धन परिवार में जन्म व कम संसाधनों के बावजूद पढ़ाई के प्रति दृढ़ इच्छा के बदौलत अपने मजबूत इरादों पर भरोसा करते हुए कठिन परिश्रम कर उप्र बोर्ड परीक्षा की जारी परिणामों में जिला टॉपर बनकर इतिहास रच दिया है।

मजदूर की बेटी ने हाई स्कूल में किया टॉप, गरीब की बेटी का डॉक्टर बनने का सपना।

बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली ममता कुमारी शुरू से ही अच्छे नंबर लाकर टॉप करने की तैयारियों में जुटी हुई थी और यही कारण था कि वह 9 से 10 घंटे तक पढ़ाई कर जिले में सर्वाधिक नंबर लाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। ममता के पिता कैलाश भारती मजदूरी का काम करते हैं। ममता का कहना है कि वह डॉक्टर बनना चाहती है, उसका कहना है कि गरीबी कभी भी पढ़ाई के आड़े नहीं आती और इस बात को हाई स्कूल में जिले में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर उसने साबित किया है। ममता कुमारी व उसके परिवार के लोगों के हौसले के आगे आर्थिक तंगी रोड़ा नहीं बन सकी।

यही नहीं छात्रा का कहना है कि आगे के लिए वह तैयारी करेगी और पैसों के अभाव को दूर करने के सरकारी स्कॉलरशिप जैसी तैयारी कर योजनाओं का लाभ उठाते हुए वह अपने सपनों को सुनहरे पंख लगाने का काम करेगी।

मजदूर की बेटी ने हाई स्कूल में किया टॉप, गरीब की बेटी का डॉक्टर बनने का सपना।

सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज विकासखंड के मधुपुर गांव की रहने वाली ममता कुमारी का कहना है कि कभी भी गरीबी किसी भी बच्चे को पढ़ने से रोक नहीं सकती और इसका जीता जागता उदाहरण स्वयं ममता कुमारी है। ममता कुमारी के दो भाई है। ममता का कहना है कि उसे पढ़ने के लिए माता-पिता के साथ ही कोचिंग के अध्यापकों के द्वारा लगातार प्रेरणा दी जाती रही है और ममता भी स्वयं 9 से 10 घंटे पढ़ने का काम करती है। इतना ही नहीं ममता का कहना है कि उसके माता-पिता भी पूरी तरह सहयोग करते हैं और घर पर उससे किसी भी तरह का काम नहीं लिया जाता है।

वह डॉक्टर बनना चाहती है और इसके लिए वह लगातार प्रयास कर रही है और आगे भी तैयारी कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करेगी। वहीं ममता से पूछने पर कि आगे डॉक्टरी की पढ़ाई काफी महंगी है ममता का कहना है कि इसके लिए वह तैयारी कर स्कॉलरशिप व अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ लेते हुए इस समस्या को दूर करते हुए अपने लक्ष्य को अपने मेहनत के दम पर प्राप्त करेगी।

बिटिया के जिला टॉप बनने पर माता-पिता का कहना है कि वह अपनी बेटी को पढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। पिता कैलाश भारती, मजदूरी का काम करते हैं। बड़े किसानों की जमीन पर मेहनत और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनका कहना है कि दो बेटे और एक बेटी हैं, उनकी पढ़ाई के लिए वह हर संभव प्रयास करेंगे।

इसके साथ ही उनसे जब यह पूछा गया कि आगे की पढ़ाई अब और भी अधिक महंगी होने वाली है, इसके लिए वह अपनी बेटी को कैसे पढ़ाएंगे तो उनका कहना है कि वह बेटी को पढ़ाने के लिए अपनी तरफ से हर संभव प्रयास करेंगे। इतना ही नहीं उनका यह विश्वास है कि मेहनत से सब कुछ पाया जा सकता है और उनकी बेटी जिस लगन व मेहनत से पढ़ाई कर रही है, अगर वह ऐसे ही पढ़ाई करती है तो अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेगी।

बेहद निर्धन मजदूर परिवार की बेटी ममता कुमारी ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा में सोनभद्र जिले की टॉपर बनकर इतिहास रच दिया है। ममता कुमारी को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। ममता कुमारी ने साबित किया कि मजबूत इच्छाशक्ति और मेहनत के दम पर हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। “कौन कहता है कि आसमां में छेद नहीं होता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों“, इस लाइन को सोनभद्र जिले की ममता कुमारी जिला टॉपर बनकर चरितार्थ किया है।

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