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बलिया में फर्जी केस में जेल भेजे गये तीनों पत्रकारों को रिहा किया जाए- सुधाकर मिश्रा।

सोनभद्र। पेपर लीक मामले में खबरों को प्रमुखता से छापने और पूरे प्रकरण को प्रमुखता से देश के सामने उठाने वाले पत्रकारों को ही निशाना बनाकर फर्जी मुकदमे में जेल भेज दिया गया, जिसे सीधे तौर पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला मानते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में सभी पत्रकार संगठनों ने इस ज्यादती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश जनपद सोनभद्र ने महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश, लखनऊ को द्वारा जिलाधिकारी, जिला-सोनभद्र को बलिया जनपद में नकल माफियाओं की पोल खोलने वाले पत्रकारों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के सम्बन्ध में ज्ञापन सौंपा गया।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में पत्रकारों के उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ रही है, अभी हाल में ही बलिया जनपद एवं उसके आसपास के अन्य जनपर्दो में सुनियोजित एवं बड़े पैमाने पर नकल कराई जाती है। स्थानीय अमर उजाला व सहारा हिंदी दैनिक के लिए काम करने वाले पत्रकार अजित ओझा, दिग्विजय सिंह व मनोज गुप्ता को अंग्रेजी के प्रश्न पत्र लीक प्रकरण को उजागर करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बलिया जिला प्रशासन द्वारा नकल माफियाओं पर सीधी कार्यवाई करने के बजाय कलम के सिपाहियों का मुंह बंद करने और हांथ बाधने की कोशिश के साथ पत्रकारिता का गला घोटने का काम किया जा रहा है। इस कृत्य से पूरे प्रदेश के पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त हो गया है।

ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन निम्न लिखित विन्दुओं पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए मांग करता है कि नकल माफियाओं के कुकृत्य की व्यापक जांच एवं पेपर लीक का खुलासा करने वाले अधिकारियों पर कार्यवाई के साथ उक्त पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस हो। बलिया जनपद के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारियों की भूमिका की न्यायिक जांच कराई जाए व जांच परिणाम आने तक उन्हें निलंबित कर दिया जाय, जिससे उनके द्वारा जांच प्रक्रिया को प्रभावित न किया जा सके। प्रदेश में पत्रकार उत्पीडन की घटनाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। विभिन्न समाचार पत्रों/चैनलो / मीडिया संस्थानों में कार्यरत पत्रकारों को शासन स्तर से सूची बद्ध किया जाय।

उत्तर प्रदेश की प्रेस मान्यता नियमावली में संशोधन कर उसमें पत्रकारों की सुरक्षा के लिए उपबंध शामिल किया जाए। उत्तर प्रदेश में पत्रकार आयोग का गठन करके उसमें मान्यता प्राप्त सभी संगठनों को प्रतिनिधित्व दिया जाए। उत्तर प्रदेश में किसी भी पत्रकार को किसी प्रकारण में कथित रूप से संलिप्त पाए जाने की दशा में तब तक गिरफ्तारी न की जाए जब तक पुलिस विभाग के एक राजपत्रित अधिकारी स्तर से उसकी जांच पूरी न कर ली जाए।

उक्त मांग के क्रम में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन से सम्बद्ध सभी पत्रकार साथी आप से लोकतंत्र व संविधान की रक्षा की उम्मीद करते हैं। इस अवसर पर पूर्वांचल मीडिया क्लब के अध्यक्ष विवेक कुमार पाण्डेय, दिनेश पाण्डेय, घमंडी गौतम, रामकेश यादव, अंशुमान पाण्डेय, अरविन्द तिवारी, अरविन्द उपाध्य, सुधाकर मिश्र जिलाध्यक्ष ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उ0प्र0 जनपद सोनभद, संतोष सोनी, चिन्ता पाण्डेय, पंकज देव पाण्डेय आदि सैकड़ो पत्रकार उपस्थित थे।

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