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हीट वेव, लू, अग्निकांड व सूखा में क्या करें, क्या न करें – जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह।

What to do, what not to do in heat wave / heat wave / fire / drought - District Magistrate Chandra Vijay Singh.

जिला अधिकारी चन्द्र विजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी दिनों से बढ़ रहे तापमान के कारण हिट वेव से प्रभावित होने की आशंका जतायी गयी है, जिसके बचाव के लिए निम्न उपाय/जानकारी दी जा रही है, जिसको आमजन अपना कर अपने व परिवार को सुरक्षित रखें। उन्होंने बताया कि पर्याप्त मात्रा में पानी, तरल पदार्थ जैसे छाछ, नींबू का पानी, आम का पाना का प्रयोग करें। यात्रा करते समय पानी साथ रखें। निर्जलीकरण (Dehydration) से बचने के लिए ओआरएस (ORS) का प्रयोग करें।

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संतुलित, हल्का व नियमित भोजन करें। अधिक प्रोटीन वाले तथा बासी खाद्य पदार्थ खाने से बचें। हल्के रंग के सूती एवं ढ़ीले कपड़े पहने एवं सर को ढ़कें एवं कड़ी धूप से बचें। विशेष तौर पर 12.00 बजे से 3.00 बजे अपराहन के मध्य सूर्य के ताप से बचने हेतु बाहर न जाए एवं कड़ी मेहनत से बचें। स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान को सुनें और आगामी तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति सतर्क रहें। बच्चों एवं पालतू जानवरों को कभी भी बंद गाड़ी में अकेला न छोड़ें। जहाॅ तक सम्भव हो घर में ही रहें और सूर्य के सम्पर्क से बचें।

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सूर्य के ताप से बचने के लिए जहाॅ तक सम्भव हो घर की निचली मंजिल पर ही रहें। जानवरों को छाया में रखें और उनको पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं। लू से प्रभावित व्यक्ति को छायां में लिटाकर सूती गीले कपड़ों से पोछें अथवा समान्य जल से नहलाएं तथा तुरन्त चिकित्सक से सम्पर्क करें। लू लगने के लक्षणों को पहचानें, यदि कमजोरी लगे, सिर दर्द हों, उल्टी महसूस हो, तेज पसीना और झटका जैसे महसूस हो, चक्कर आए तो तुरन्त चिकित्सक से सम्पर्क करें। बीमार और गर्भवती महिला कामगारों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। आपात् स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें।

सूखा में क्या करें, क्या न करें-

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इस्तेमाल किए हुए पानी को नाली में ना बहायें, उसे घर के बगीचे या पौधों की सिंचाई में इस्तेमाल करें।यदी नल से पानी टपक रहा हो तो उसे शीघ्र ठीक करायें। पाइप लाइन लीकेज की जाॅच व आवश्यक्तानुसार शीघ्र मरम्मत करायें। एसे उपकरणों का प्रयोग करें जो पानी व उर्जा के संरक्षण में सहायक हो। सूखे से निपटने के लिये फसल आपात योजना का निर्माण एवं उपयोग करें। सूखा रोधी घास, झाड़ियों एवं पेड़ों को बड़ पैमाने पर लगायें। दातों को ब्रश करते, चेहरा साफ करते समय या दाढ़ी बनाते हुए पानी का कम से कम प्रयाग करें। सूखे की स्थिति में भी जीवित रह सकने वाली फसलों को लगायें। ऐसे सिंचाई उपकरणों को स्थापित करें जो अति जल संचय रूप में सूक्ष्म और छिड़काव सिचाई के लिये प्रयोग किया जा सकें। अपने रहने के स्थान के आस-पास आवश्यक तकनीकों से जल का संरक्षण करें।

अग्निकाण्ड में क्या करें, क्या न करें-

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आग (कार्बन मोने आक्साइड) की सूचना पर शान्ति से किन्तु जल्दी मकान व स्थान खाली करें। कोई वस्तु व दरवाजा छूने से पहले समझ लें कि वह बहुत गर्म न हो। धुएं की स्थिति में जमीन व फर्श से सटकर रहें क्योंकि धुआं ऊपर उठता है। फायर पुलिस से सम्पर्क करें। पेट्रोल से लगी आग पर पानी काम नहीं करता तथा विद्युत से लगी आग में पानी डालने पर करंट फैलने का खतरा रहता है। अतः पेट्रोल से लगी आग में मिट्टी/बालू का इस्तेमाल करें तथा बिजली से लगी आग में विद्युत कनेक्शन काटने के बाद पानी डालें ।

क्या न करें-

जलती मोमबत्ती, अगरबत्ती, गैस, मिट्टी के तेल का उपयोग, अलाव, चूल्हे व बीड़ी या सिगरेट को जलाकर न छोड़ें। घर में अनावश्यक एवं अधिक मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ न रखें। घटना सेे घबराये नहीं। बिजली के तार पर कपड़े न फैलायें। सड़क पर बिजली विभाग के गिरे तारों की उपेक्षा न करके तत्काल विद्युत विभाग को सूचित करें। फसलों के मौसम में खेतों के पास आग न जलाएं ।

अग्नि सुरक्षा के उपाय-

घर में बीड़ी, सिगरेट आदि का प्रयोग न करें । बच्चों की पहुंच से माचिस, स्टोव, पटाखे, तेजाब आदि दूर रखें। भोजन बनाते समय सूती एवं फिट कपड़े पहनें । जलते हुए लालटेन या स्टोव में मिट्टी का तेल न भरें। पहने हुए कपड़ों का प्रयोग, चूल्हे से बरतन उतारने के लिए न करें। भोजन बनाने के बाद चूल्हे, स्टोव व अंगीठीं को तत्काल बुझा दें। गैस सिलेण्डर को सदैव खड़ा रखें तथा रात में सोने के पूर्व रेगुलेटर अवश्य बन्द करें। गैस के रबर पाइप को नियमित समय पर बदलें। गैस में लीकेज का आभास होने पर सभी आग बुझा दें।

सभी खिड़की, दरवाजे खोल दें व गैस एजेन्सी को तत्काल सूचित करें। यदि कपड़ों में आग लग जाए तो भागे नहीं। जमीन पर लेटकर या शरीर पर कम्बल लपेटकर आग बुझाने की कोशिश करें। घर के बाहर मार्ग को खुला रखें, जिससे आवागमन बाधित न हो। यदि सम्भव हो तो घर में फायर एलार्म या घरेलू अग्निशमन यन्त्र लगवाएं। एक ही साकेट में कई विद्युत उपकरण न लगाएं। घर की आपदा प्रबन्ध योजना बनाएं तथा समय-समय पर उसका पूर्वाभ्यास करें। घर में पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखें।

रसोई की छत को यदि पूस से बनाएं हो तो उस पर अन्दर से मिट्टी का लेप करें। गाँव के तालाब या कुएं तक फायर बिग्रेड के पहुंचने का मार्ग बनाए रखें। यदि किसी आयोजन के लिए पण्डाल लगाएं तो उसके चारों ओर कम से कम 5 मीटर खुला स्थान छोड़ें। पण्डाल की ऊँचाई 3 मीटर से अधिक रखें। पण्डाल से बाहर निकलने के लिए 5 मीटर या उससे चौड़ा रास्ता रखें। बिना प्लग के तार बिजली के साकेट में न लगाएं। फोन पर सूचना देते समय धैर्य बनाय एवं सूचना देते समय आवाज स्पष्ट रखें। आग लगने पर 101 नम्बर डायल करें या नजदीकी अग्निशमन केन्द्र पर सम्पर्क करें।

Do’s and Don’ts in Heat Wave/Loo

Giving information, Sonbhadra District Magistrate Chandra Vijay Singh said that due to the rising temperature from the coming days, it has been feared to be affected by the hit wave, for which the following measures / information are being given, which the common people can adopt for themselves and their families. Keep it safe He told that use sufficient quantity of water, liquids like buttermilk, lemonade, mango pana. Carry water with you while travelling. Use ORS to avoid dehydration.

Eat balanced, light and regular food. Avoid eating high protein and stale foods. Wear light colored cotton and loose clothes and cover your head and avoid strong sunlight. Especially between 12.00 pm to 3.00 pm, do not go out to avoid the heat of the sun and avoid hard work. Listen to the local weather forecast and be on the lookout for upcoming temperature changes. Never leave children and pets alone in a closed vehicle. As far as possible stay at home and avoid exposure to the sun.

To avoid the heat of the sun, stay on the lower floor of the house as far as possible. Keep the animals in the shade and give them plenty of water. Put the affected person in the shade and wipe it with cotton wet clothes or take a bath with normal water and contact the doctor immediately. Recognize the symptoms of heatstroke, if there is weakness, headache, feeling of vomiting, heavy sweating and feeling like shaking, dizziness then contact the doctor immediately. Sick and pregnant women workers should take extra precautions. Take first aid training to deal with emergencies.

Do’s and don’ts in drought

Do not flush the used water into the drain, use it to irrigate the garden or plants of the house. If water is dripping from the tap, then get it repaired soon. Check for pipeline leakage and get repairs done as per requirement. Use such equipment which helps in conserving water and energy. Create and use crop contingency plan to deal with drought. Plant drought resistant grasses, shrubs and trees on a large scale. Use minimal water while brushing teeth, cleaning face or shaving. Plant crops that can survive drought conditions. Install such irrigation equipments which can be used for micro and sprinkler irrigation in extreme water harvesting form. Conserve water around your living space with essential techniques.

What to do, what not to do in a fire

Evacuate the house and place calmly but quickly on the information of fire (carbon monoxide). Before touching any object or door, understand that it should not be too hot. Stay close to the ground and floor in case of smoke as the smoke rises up. Contact the fire police. Water does not work on petrol fires and there is a danger of electrocution if water is poured into electrical fires. Therefore, in a fire caused by petrol, use mud/sand and in an electric fire, add water after disconnecting the electrical connection.

what not to do-

Do not leave burning candles, incense sticks, gas, use of kerosene, bonfire, stove and bidis or cigarettes. Do not keep unnecessary and excessive amount of flammable material in the house. Don’t be afraid of the incident. Do not spread clothes on the electric wire. Do not ignore the fallen wires of the electricity department on the road and inform the electricity department immediately. Do not light a fire near the fields during the harvest season.

fire safety measures

Do not use bidi, cigarette etc. in the house. Keep matches, stoves, crackers, acid etc. away from the reach of children. Wear cotton and fit clothes while preparing food. Do not fill kerosene in a burning lantern or stove. Do not use worn clothes to remove utensils from the stove. After preparing food, immediately extinguish the stove, stove and fireplace. Always keep the gas cylinder standing and turn off the regulator at night before sleeping. Replace the gas rubber pipe regularly. Extinguish all fires if gas leakage is noticed.

Open all windows, doors and inform the gas agency immediately. If your clothes catch on fire, don’t run away. Try extinguishing the fire by lying on the ground or wrapping a blanket over your body. Keep the road outside the house open, so that traffic is not obstructed. If possible, get a fire alarm or domestic fire extinguisher installed in the house. Do not put multiple electrical appliances in the same socket. Make a disaster management plan of the house and rehearse it from time to time. Keep enough water available in the house.

If the ceiling of the kitchen is to be made of pus, then apply clay on it from inside. Maintain access for the fire brigade to the village pond or well. If you put up a pandal for any event, then leave at least 5 meters of open space around it. Keep the height of the pandal more than 3 meters. Keep a path 5 meters or more wide to exit the pandal. Do not plug wires into electrical sockets without plugs. Be patient while giving information on the phone and keep your voice clear while giving information. In case of fire, dial 101 or contact the nearest fire station.

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