उत्तर प्रदेशसोनभद्र

मनरेगा कार्यों में लापरवाही पर कार्यक्रम अधिकारी पर कार्रवाई के आदेश, मुख्य विकास अधिकारी ने घोरावल विकासखंड का किया निरीक्षण।

मुख्य विकास अधिकारी डाॅ0 अमित पाल शर्मा द्वारा शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे विकास खण्ड कार्यालय घोरावल का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय रामबाबू त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पं0) घोरावल उपस्थित थे। रमेश यादव, खण्ड विकास अधिकारी, निरीक्षण के समय अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाये गये, जिनसे दूरभाष पर सम्पर्क कर जानकारी ली गयी, तो उनके द्वारा बताया गया कि वह जिला मुख्यालय पर है, जबकि आज जिला मुख्यालय पर किसी तरह की कोई बैठक नहीं थी। इसके बाद वह अपरान्ह 12.15 बजे विकास खण्ड कार्यालय में उपस्थित हुए।

मुख्य विकास अधिकारी के निरीक्षण के दौरान

1-उपस्थिति पंजिकाः- विकास खण्ड की उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया गया। दयाराम पत्रवाहक अवकाश पर थे, श्याम बिहारी सहायक लेखाकार के बारे में बताया गया कि वह निर्वाचन कार्यालय में लेखा सम्बन्धित कार्यों के संबंध में गये हैं तथा सुजीत कुमार वाहन चालक दिनांक-08.04.2022 से अर्जित अवकाश पर हैं, जिनका प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।

2-अधिष्ठान:- स्थापना लिपिक विन्ध्यवासिनी मिश्रा द्वारा प्रस्तुत कार्मिकों के सेवा सम्बन्धी अभिलेखों का निरीक्षण किया गया। सुजीत कुमार वाहन चालक तथा  श्याम बिहारी लेखाकार की सेवा पुस्तिका में अवकाश सम्बन्धी पारिवारिक विवरण तथा प्रापर्टी घोषणा से सम्बन्धी सभी प्रपत्र लगे हैं तथा सेवाएं अद्यतन सत्यापित है। सचिन कुमार शर्मा, कनिष्ठ सहायक की सेवा पुस्तिका में दिनांक-31.12.2021 की प्रविष्टि पर हस्ताक्षर नहीं कराये गये हैं, जिसके लिए स्थापना लिपिक को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिये गये। ऋषि सोनकर, ग्राम विकास अधिकारी की जी0पी0एफ0 पासबुक का निरीक्षण किया गया। वर्ष 2020-21 तक जमा धनराशि के ब्याज का आगणन किया गया है एवं अभिदाता द्वारा इसे स्वयं सत्यापित भी किया गया है। वर्ष 2021-22 में जमा धनराशि की प्रविष्टि की गयी है मार्च 2022 के वेतन मिलने के पश्चात् ब्याज का आगणन किया जायेगा।

2-शिकायत रजिस्टरः- शिकायत पंजिका में दर्ज शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई, उसका कोई विवरण पंजिका में अंकित नहीं किया गया है और न ही खण्ड विकास अधिकारी द्वारा इसका अनुश्रवण किया जाना पाया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि खण्ड विकास अधिकारी द्वारा शिकायतों के निस्तारण में घोर लापरवाही बरती जा रही है, जबकि शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक दिवस प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक विकास खण्ड मुख्यालय पर उपस्थित रहकर जन शिकायतों का निस्तारण किया जाना है, किन्तु 11:30 बजे विकास खण्ड के निरीक्षण के समय खण्ड विकास अधिकारी अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए। अतः श्री रमेश कुमार, खण्ड विकास अधिकारी का दिनांक-08.04.2022 के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेश तक रोक लगायी जाती है तथा खण्ड विकास अधिकारी की इस लापरवाही एवं मुख्यालय से अनुपस्थित रहने, विभागीय कार्यों का समय से सम्पादन न करने के दृष्टिगत प्रतिकूल प्रविष्टि दिये जाने का पत्रालेख प्रस्तुत करने के निर्देश जिला विकास अधिकारी को दिये गये तथा जिला विकास अधिकारी को यह भी निर्देशित किया गया कि सम्पूर्ण तथ्यों को उल्लिखित करते हुए खण्ड विकास अधिकारी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही हेतु पत्र आयुक्त, ग्राम्य विकास उ0प्र0 को प्रेषित करना सुनिश्चित करें।

3-मनरेगाः- मनरेगा कार्यों से सम्बन्धित अभिलेखों का निरीक्षण किया गया। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 108 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष निरीक्षण की तिथि तक मात्र 12 ग्राम पंचायतों में ही कार्यों की तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृति दर्ज पायी गयी। इस पंजिका पर खण्ड विकास अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर भी नहीं किया गया है और न ही इसे कभी अवलोकित किया गया है। मस्टररोल निर्गत पंजिका के अवलोकन में पाया गया प्रगति पर चल रहे कार्यों पर विकास खण्ड स्तर से दिनांक-01.04.2022 से 08.04.2022 तक जारी मस्टररोलों का विवरण  पंजिका पर अंकित है, किन्तु निर्गत किये गये मस्टररोल किसे प्राप्त कराया गया हैै, का विवरण अंकित नहीं है और न ही प्राप्तकर्ता के हस्ताक्षर हैं। लेखाकार मनरेगा द्वारा बताया गया कि मस्टररोल ग्राम प्रधानों एवं ग्राम पंचायत अधिकारियों को दिया गया है, परन्तु इसका अंकन एवं प्राप्ति के हस्ताक्षर अभी नहीं कराये गये हैं। इससे अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) एवं लेखाकार (मनरेगा) की घोर लापरवाही प्रतीत होती है।

मस्टररोल निर्गत पंजिका वर्ष 2021-22 का भी अवलोकन किया गया, जिसमें पाया गया कि कई ग्राम पंचायतों का मस्टररोल बिना प्राप्त कराये ही जारी कर दिया गया है एवं प्राप्त कर्ता के हस्ताक्षर भी नहीं कराये गये। पंजिका मे यह भी अंकित नहीं है कि मस्टररोल किसे दिया गया है। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) एवं लेखाकार (मनरेगा) द्वारा अभिलेखों को पूर्ण नहीं किया जा रहा है, जो उनकी संदिग्ध कार्यप्रणाली तथा कार्य के प्रति लापरवाही का द्योतक है। अतएव उपायुक्त श्रम रोजगार को निर्देशित किया गया कि अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) एवं लेखाकार (मनरेगा), विकास खण्ड घोरावल के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही हेतु पत्रावली तत्काल प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

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