उत्तर प्रदेशबिजनौरलखनऊ

महंगाई की मार, आसमान छूते सब्जियों फलों के दाम।

Inflation hit, skyrocketing prices of vegetables and fruits.

सब्जी व अन्य सभी चीजों पर अचानक बढ़ी महंगाई ने गरीब मजदूरों की कमर तोड़ कर रख दी है। नवरात्रि व माहे रमजान के दौरान भी बाजारों में रौनक नहीं दिखाई दे रही है। साफ तौर पर गरीब व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों पर महंगाई का काफी असर देखने को मिल रहा है। कभी भीड़ से गुलजार हुए बाजारों में आज महंगाई की मार से सन्नाटा पसरा हुआ है।

गौरतलब है कि रसोई गैस सिलेंडर व खाने-पीने की सभी वस्तुओं पर अचानक से महंगाई चरम सीमा पर पहुंच गई है। जिससे बाजारों की रौनक अचानक से मानो उड़ गई है। रमजान के महीने में रोजेदारों के द्वारा सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाला नींबू भी ₹300 प्रति किलो के पार हो गया है।

हालांकि बाजारों में सामान खरीदने आए ग्राहकों से इस मामले में जब बातचीत की गई तो उन्होंने महंगाई का दोष वर्तमान सरकार को दिया है। गरीब लोगों का मानना है कि यदि महंगाई ऐसे ही बढ़ती रही तो गरीब की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा। फिलहाल अचानक हुई सभी चीजों पर महंगाई से जनजीवन अस्त व्यस्त हो चला है।

The sudden increase in inflation on vegetables and all other things has broken the back of the poor laborers. Even during Navratri and Mahe Ramzan, there is no light in the markets. Clearly, the impact of inflation on the poor and the people of rural areas is being seen a lot. In the once crowded markets, today there is silence due to inflation.

It is worth noting that suddenly the inflation has reached the peak on LPG cylinders and all food items. Due to which the brightness of the markets has suddenly blown away. In the month of Ramzan, the lemon which is most commonly used by the Rojadars has also crossed ₹ 300 per kg. However, when the customers who came to buy goods in the markets were discussed in this matter, they have blamed the current government for inflation. Poor people believe that if inflation continues like this, then there will be a crisis on the livelihood of the poor. At present, due to inflation on all the sudden things, life has been disturbed.

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