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गोरखनाथ मंदिर पर हमले का प्रयास करने वाला अहमद मुर्तजा गिरफ्तार, घायल जवानों से मिलने पहुंचे सीएम योगी।

बाबा गोरखनाथ मंदिर के सुरक्षाकर्मियों पर हमले की सूचना ने उत्तर प्रदेश की खुफिया एजेंसियों के माथे पर पसीना ला दिया था और सूचना आने के बाद हर कोई परेशान था कि यदि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आश्रम पर हमला हो सकता है तो वह अपने आप कैसे सुरक्षित माने, लेकिन उत्तर प्रदेश के पुलिस जवानों ने गोरखनाथ मंदिर के सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने वाले अहमद मुर्तजा अब्बासी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस की गिरफ्त में हमलावर। Photo by Google

इसी बीच घायल सुरक्षाकर्मियों से मिलने बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों जवानों गोपाल गौड़ और अनिल पासवान के साहस व पराक्रम की सराहना की और आश्वस्त किया कि उनके इलाज की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार उठाएगी। एक तरफ योगी आदित्यनाथ घायल सुरक्षा कर्मियों व उनके परिजनों से मिल रहे थे और दूसरी तरफ अहमद मुर्तुजा अब्बासी को यूपी पुलिस ने दबोच लिया था।

अहमद मुर्तुजा अब्बासी को मंदिर के बाहर मोटरसाइकिल से छोड़ने वाले दो सहयोगी युवकों को यूपी एटीएस ने महाराजगंज जिले से गिरफ्तार किया है। दोनों युवक संदिग्ध बताए जा रहे हैं। पीएसी बल के इन आरक्षण और नागरिक पुलिस के आरक्षी अनुराग राजपूत के लिए मुख्यमंत्री ने सोमवार दोपहर को ही 5 लाख रुपए इनाम की घोषणा कर दी थी। गिरफ्तार आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी को 4 अप्रैल से 11 अप्रैल की दोपहर 2:00 बजे तक के लिए पुलिस रिमांड पर दिए जाने का आदेश अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दिया है।

हमलावर अहमद मुर्तजा अब्बासी। Photo by Google

प्राप्त जानकारी अनुसार अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी नाग भूषण पाठक का कहना था कि अभियुक्त कुछ दिनों तक मुंबई, जामनगर, कोयंबटूर, नेपाल और लुंबिनी गया था। आरोपी के पास से कई बैंकों के एटीएम कार्ड, आधार कार्ड व इस्लामिक साहित्य बरामद हुआ है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस रिमांड स्वीकृत करते हुए प्रशासन को निर्देशित किया कि पूछताछ के दौरान आरोपी को प्रताड़ित नहीं किया जाएगा और मानवाधिकार आयोग के दिशा निर्देशों का पालन होगा।

आरोपी ने आईआईटी मुंबई से पढ़ाई किया-

गोरखनाथ मंदिर के सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने वाला अहमद मुर्तजा अब्बासी ने आईआईटी मुंबई से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। अक्टूबर 2020 से मुंबई से आकर गोरखपुर रहने लगा था। आरोपी के परिवार जनों ने बताया कि अहमद मुर्तजा अब्बासी शनिवार को घर से निकला था, हमेशा चुपचाप रहता और घर में किसी से भी बात नहीं करता था। कमरे से भी बाहर आना जाना बहुत कम करता था। गोरखनाथ मंदिर के मुख्य द्वार पास लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है।

गोरखपुर मंदिर पर हमले की आपबीती सिपाही की जुबानी-

गोरखनाथ मंदिर में सिपाहियों पर हमला करने के आरोपी को दव रचने वाले सिपाही अनुराग राजपूत ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने के बाद हमलावर हथियार लहराते हुए मंदिर के मुख्य द्वार से अंदर दाखिल हुआ था। मंदिर के गेट पर मौजूद सिपाही ने जैसे ही हमलावर को चेकिंग के लिए रोका तो हमलावर असलहा छीनने का प्रयास करते हुए धारदार हथियार से हमला कर सुरक्षाकर्मियों को घायल कर दिया और मंदिर में अंदर की ओर दौड़ पड़ा। सिपाही ने बताया कि ऐसा लगा कि मौत उसके सामने खड़ी है। फिर मोटे डंडे से आरोपी पर हमला किया तो उसके हाथ से धारदार हथियार छूट गया, जिसके बाद एलआईयू के अनिल साथ आए और मौके से हमलावर को पकड़ ले गया।

आतंकियों के निशाने पर रहा है गोरखपुर-

गोरखनाथ मंदिर पर हमले से गोरखपुर के साथ पूरा उत्तर प्रदेश कांप गया है। इससे पूर्व में भी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में आतंकवादी घटनाएं होती रही हैं। 2010 में गोरखनाथ मंदिर परिसर में स्थित भीम सरोवर ताल के पास विस्फोट हुआ था। बाद में जांच में पता चला कि वह दिवाली वाला बम था। 22 मई 2007 को गोरखपुर शहर में सीरियल ब्लास्ट हुए थे, जिस की साजिश इंडियन मुजाहिदीन आतंकी संगठन ने रची थी।

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