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इस बार तपिश और लू क्यों है चिंताजनक? जानें कारण…

गर्मियों की शुरुआत में ही बिलीबिलाती गर्मी ने जीना मुहाल कर दिया है और देश के कई हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में है। साथ ही मौसम विभाग ने सूचना जारी कर दी है कि आने वाले 5 दिनों तक भीषण गर्मी की तपिश झेलनी पड़ेगी। देश के विभिन्न हिस्सों में 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान रहा, वहीं वाराणसी में 47 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

बदन जला देने वाली गर्मी-

देश की राजधानी दिल्ली में औसतन मासिक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के साथ 72 वर्षों में दूसरा सबसे गर्म अप्रैल महीना दर्ज किया गया। देश की राजधानी में पिछले 6 सप्ताह का तापमान सामान्य औसत से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा चुका है। वहीं देश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में भी बढ़ते तापमान ने तपिश इस कदर बढ़ा दी है कि धूप के संपर्क में आने पर शरीर के जलने का आभास हो रहा है।

इस बार के गर्मी के महीने लंबे होने के आसार-

जलवायु परिवर्तन विशेषज्ञ की माने तो तपिश भरी गर्मी के बीच भीषण लू की लहर की औसतन लंबी अवधि उच्च तापमान की तुलना में अधिक चिंता का कारण बनी हुई है।

गर्मी से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं-

डॉक्टरों के अनुसार लू के कारण उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याएं कोविड-19 की अपेक्षित चौथी लहर की तुलना में बड़ी चिंता की लकीरें खड़ी कर रही हैं। कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ बता रहे हैं कि उन्हें अपने क्लीनिक में इस बार ऐसे मरीज मिल रहे हैं, जीने हीटस्ट्रोक या गर्मी से जुड़ी अन्य समस्याएं हो रही हैं।

गर्मी से बचने के विशेषज्ञों की राय-

मौसम विभाग ने भीषण गर्मी के प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को गर्मी से बचने हेतु हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने साथ ही सिर को कपड़े, टोपी या छतरी से ढकने की सलाह दिया है। लगातार कुछ कुछ समय के अंतराल के बाद तरल पदार्थ पीते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी महसूस ना हो। यदि मुमकिन हो तो दिन में 11:00 बजे से लेकर दोपहर 3:00 बजे तक धूप से बचने का प्रयास करें।

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