उत्तर प्रदेशसोनभद्र

बाल विकास परियोजना अधिकारी नगवां के शिथिल पर्वेक्षण पर मुख्य विकास अधिकारी ने वेतन भुगतान पर लगायी रोक।

मुख्य विकास अधिकारी ने विकास खण्ड नगवां कस्तुरबा गाॅधी बालिका विद्यालय नन्दना व ग्राम पंचायत पड़री का किया औचक निरीक्षण

मुख्य विकास अधिकारी डाॅ0 अमित पाल शर्मा विकास खण्ड नगवां कस्तुरबा गाॅधी बालिका विद्यालय नन्दना व ग्राम पंचायत पड़री का किया औचक निरीक्षण किया। कस्तुरबा गाॅधी विद्यालय के निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यालय में तैनात अध्यापिकाओें से छात्राओं के उपस्थित के सम्बन्ध में जानकारी ली, तो उनके द्वारा बताया गया कि विद्यालय में कक्षा-6, 7 एवं 8 के अन्तर्गत 100 छात्राओं हेतु हास्टल सुविधा उपलब्ध है, परन्तु मौके पर 52 छात्राएं ही उपस्थित मिलीं। इसके सम्बन्ध में बताया गया कि इस बार छात्राओं का इनरोलमेन्ट कम हुआ है, जिसके सम्बन्ध में मुख्य विकास अधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि उक्त छात्राओं के संख्या के सम्बन्ध में इनरोलमेन्ट के कमी के कारण की स्थिति को स्पष्ट करने के निर्देश दियें।

Photo : Sonebhadra DPRO office

मुख्य विकास अधिकारी ने स्कूल में उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया, जिसमंें कुल 11 कार्मिकों के नाम अंकित पाये गयें। वार्डेन विजय लक्ष्मी ने 29 एवं 30 मार्च,2022 को रोटेशनल अवकाश का प्रार्थना-पत्र दिया था, जबकि सप्ताह में एक दिन ही यह अवकाश अनुमन्य है। श्रीमती सुधा गुप्ता 29 एवं 30 को आकस्मिक अवकाश पर थी। लेखाकार क्षितीज सिंह लेखाकार के बारे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि यह मुख्यालय स्थित कार्यालय से सम्बद्ध हैं। विद्यालय में छात्राआंें के लिए फर्निचर उपलब्ध नहीं थे, जिससे सभी छात्राएं टाट-पट्टी पर बैठकर पठन-पाठन का कार्य कर रही थी।

Photo : Sonebhadra DPRO office

उक्त के सम्बन्ध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिवंश कुमार ने बताया कि जनपद के पांच विद्यालयों में फर्निचर की व्यवस्था नहीं है, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा को निर्देशित किया कि सी0एस0आर0 फण्ड से फर्नीचर क्रय किये जाने की कार्यवाही तीन दिवस के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाये। छात्रावास में छात्राओं हेतु मच्छरदानी की व्यवस्था नहीं थी, जिसके बी0एस0ए0 को निर्देशित किया गया कि दो दिवस के अन्दर व्यवस्था कर ली जाये। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने शौचालय, बाथरूम, किचन आदि का निरीक्षण किया तथा प्रभारी वार्डेन को साफ-सफाई की व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश दियें। कस्तुरबा गाॅधी विद्यालय पर पहंुुचने हेतु सड़क के निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा था। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि सड़क निर्माण का कार्य में तेजी लाया जाये।

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इसी प्रकार से मुख्य विकास अधिकारी ने नगवां ब्लाक क्षेत्र के  प्राथमिक पाठशाला पड़री का औचक निरीक्षण किया। विद्यालय में कुल 180 छात्र पंजीकृत थे, जिसके सापेक्ष 88 छात्र उपस्थित पाये गये और विद्यालय के सभी अध्यापकगण, रसोईयां उपस्थित थे। कक्षा-1 व 2 के छात्र-छात्राओं के लिए फर्नीचर की व्यवस्था उपलब्ध थी, जिस पर शेष कक्षाओं के लिए व्यवस्था नहीं थी, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को फर्नीचर की व्यवस्था यथाशीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दियें।

विद्यालय में स्थित शौचालय काफी गंदा पाया गया, उपयोग की स्थिति में नहीं पाया गया, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत अधिकारी को चेतावनी देते हुए कहा कि तीन दिवस के भीतर इसे ठीक कराकर खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से आख्या प्रस्तुत करें। इसी प्रकार से मुख्य विकास अधिकारी ने विकास खण्ड नगवां के उप स्वास्थ्य केन्द्र पिपरीडीह के सरईगाढ़ गांव का आकस्मिक निरीक्षण किया।

Sonebhadra DPRO office

इस दौरान स्वास्थ्य केन्द्र पर पिपरीडीह पर आज बी0एच0एन0डी0 का आयोजन किया गया था, जिसके सम्बन्ध में उपस्थित एएनएम संत कुमारी से पूछताछ की गयी, तो उन्होंने बताया कि तीन बच्चों का नाम अंकित किया गया है, लेकिन कोई भी बच्चा आज उप स्वास्थ्य पर उपस्थित नहीं पाया गया, स्वास्थ्य केन्द्र पर सभी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बच्चों के वजन एवं लम्बाई नापने हेतु उपकरा उपलब्ध है। केन्द्र में खिड़की के परदा ग्राम प्रधान द्वारा क्रय किया जाना है, परन्तु अभी तक क्रय नहीं किया गया है, जिस कार्य हेतु मुख्य विकास अधिकारी ने डी0पी0आर0ओ0 को निर्देशित किया गया।

मुख्य विकास अधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री ललिता देवी से पुष्टाहार वितरण के सम्बन्ध में जानकारी ली, तो उनके द्वारा बताया गया कि माह फरवरी, 2022 से अब तक यानी सात माह से तीन वर्ष तक के 45 बच्चों को पोषाहार वितरण किया जा चुका है। लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा सैम/मैम बच्चों का विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए बाबूलाल बाल विकास परियोजना अधिकारी नगवां के मार्च माह का वेतन अग्रिम आदेशों तक अवरूद्ध किये जाने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह को निर्देशित किये और इस शिथिलता पर श्रीमती ललिता देवी की सेवा से पृथक किये जाने पर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने के लिए निर्देशित किये।

निरीक्षण के दौरान शेषनाथ चैहान उपायुक्त मनरेगा, विशाल सिंह जिला पंचायत राज अधिकारी, अजीत सिंह जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य सम्बन्धितगण उपस्थित रहें।

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