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नाबालिग आरोपी को बालिग दिखाकर गैंगचार्ट तैयार करने का हैरतंगेज मामला, कोर्ट ने डीएम, एसपी, एएसपी व सीओ से जवाब मांगा।

सोनभद्र। राबटर्सगंज कोतवाली से जुड़े एक आपराधिक मामले में नाबालिग आरोपी को बालिग दिखाकर गैंगचार्ट तैयार करने का हैरतंगेज मामला सामने आया है। किशोर न्याय बोर्ड के सामने आरोपी के पिता द्वारा यह तथ्य संज्ञान में लाए जाने के बाद, बोर्ड इसको लेकर गंभीर है। मामले में जहां राबर्ट्सगंज कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अविनाश चंद्र सिन्हा और विवेचक अभिनव कुमार वर्मा को व्यक्तिगत रूप से 28 मार्च को सुनवाई के लिए तलब किया गया है। वहीं प्रकरण में डीएम, एसपी, एएसपी, सीओ सिटी से भी जवाब तलब किया है।

उपेन्द्र नाथ त्रिपाठी (संयुक्त निदेशक अभियोजन)

प्राप्त जानकारी के अनुसार एक किशोर आरोपी से जुड़े मामले में बृहस्पतिवार को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष सुनवाई चल रही थी। उसी समय अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी के पिता ने प्रधान मजिस्ट्रेट विनय कुमार और सदस्य ओम प्रकाश त्रिपाठी के सामने तथ्य रखा कि 16 वर्ष से कम उम्र होने के बावजूद पुलिस ने 24 वर्ष उम्र दिखाकर गैंग चार्ट तैयार करते हुए, आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की। गैंग चार्ट अनुमोदन में विधिक प्रक्रिया का पालन न किए जाने का भी आरोप लगाया गया। बोर्ड ने पत्रावली में उपलब्ध कागजातों का परिशीलन किया तो प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए गए।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन राबटर्सगंज कोतवाल और विवेचक को जहां इस मसले पर व्यक्तिगत रूप से सुनवाई के लिए 28 मार्च को तलब कर लिया गया। वहीं इसको लेकर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकार नगर को भी इस प्रकरण को लेकर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।

बता दें कि किसी भी गैंगचार्ट के अनुमोदन के लिए एक विधिक प्रक्रिया अपनाई जाती है। फाइनल तौर पर डीएम के यहां गैंगचार्ट अनुमोदित किया जाता है। इसके बाद इसे कोर्ट में दाखिल कर दिया जाता है, जहां इसको लेकर आरोपी को तलब कर सुनवाई की जाती है।

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