FEATUREDउत्तर प्रदेशभ्रष्टाचारसोनभद्र

मनरेगा में लापरवाही : ग्राम पंचायत अधिकारी, तकनीकी सहायक, ग्राम प्रधान व रोजगार सेवक के विरूद्ध कार्यवाही।

मुख्य विकास अधिकारी डाॅ0 अमित पाल शर्मा द्वारा ग्राम पंचायत कैथी प्रथम विकास खण्ड राबर्ट्सगंज में मनरेगा योजना के अन्तर्गत तालाब खुदाई कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय शेषनाथ चैहान, उपायुक्त, श्रमरोजगार, उपायुक्त एनआरएलएम, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी, राबर्ट्सगंज सहित मनोज दूबे, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं गणेश, ग्राम प्रधान उपस्थित थे। निरीक्षण के समय कुल 31 श्रमिक तालाब खुदाई के कार्य में लगे पाये गये, जबकि मनरेगा साईट पर 53 श्रमिक प्रदर्शित किया गया है। बताया गया कि 04 दिन से काम लगा है, परन्तु मस्टररोल जनरेट नहीं किया जा रहा है और न ही मोबाइल माॅनीटरिंग सिस्टम से हाजिरी ही ली जा रही है, जिससे स्पष्ट होता है कि मनोज दूबे ग्राम पंचायत अधिकारी तथा रोजगार सेवक द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त तालाब खुदाई का कार्य कितने क्षेत्रफल में किया जाना है, इसका कोई चिन्हांकन नहीं किया गया है, जबतक तकनीकी सहायक द्वारा तालाब खुदाई हेतु क्षेत्रफल चिन्हित करते हुए रस्सी आदि लगाया जाना चाहिए था, जिससे स्पष्ट होता है कि इस कार्य पर तकनीकी सहायक द्वारा तकनीकी पर्यवेक्षकीय दायित्वों का निर्वहन नहीं किया जा रहा है। निरीक्षण के समय अनिल सोनकर, तकनीकी सहायक अनुपस्थित थे। खण्ड विकास अधिकारी राबर्ट्सगंज को निर्देशित किया गया कि मनरेगा गाइडलाइन के विपरीत कराये जा रहे।

इस कार्य में संलिप्त मनोज दूबे ग्राम पंचायत अधिकारी अनिल सोनकर, तकनीकी सहायक गणेश, ग्राम प्रधान तथा रोजगार सेवक के विरूद्ध कार्यवाही के लिए एक आख्या आज शाम तक प्रस्तुत करें। जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा सम्बन्धित ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम प्रधान के विरूद्ध कार्यवाही का प्रस्ताव आज शाम तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उपायुक्त श्रमरोजगार को निर्देशित किया गया कि एक सम्यक आख्या आज शाम तक उपलब्ध करावें ताकि सम्बन्धित दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित हो सके।

निरीक्षण के दौरान ग्राम कुशी में बीरबहादुर के घर से लगभग 300 मीटर पक्की नाली का निर्माण सड़क के किनारे कराया जा रहा था। पूछ-तांछ के दौरान बताया गया कि यह कार्य ग्राम पंचायत द्वारा कराया जा रहा है, परन्तु निर्माण कार्य में ईंट की गुणवत्ता निम्न कोटि की पायी गयी। तत्क्रम में जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे निर्माण कार्य में प्रयुक्त ईंट एवं अन्य सामग्री की गुणवत्ता की जाॅच अपर जिला पंचायत राज अधिकारी तकनीकी से कराकर तीन दिवस के भीतर आख्या उपलब्ध करावें ताकि सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही की जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button