उत्तर प्रदेशगाजीपुर

“टीबी हारेगा भारत जीतेगा” स्लोगन के साथ विश्व टीबी दिवस का आगाज।

टीबी मरीज को गोद लेकर जिलाधिकारी ने कि विश्व टीबी दिवस का आगाज।

टीबी हारेगा भारत जीतेगा इसी स्लोगन के साथ जनपद में विश्व टीबी दिवस का आगाज किया गया। जिसका शुभारंभ जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह जिला चिकित्सालय में दीप प्रज्वलन कर गोद लिए हुए टीबी मरीज को पोषण पोटली देकर किया। आज के इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य टीबी रोगी को गोद लेने का अभियान मुख्य रूप से रहा। जिसके तहत जनपद के करीब 700 मरीजों को जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ ही निजी संस्थानों के द्वारा गोद लेकर उन्हें दवा खिलाने के प्रति जागरूक करना हैं। उनके ठीक होने तक प्रतिमाह पोषण पोटली उपलब्ध कराना और उनके स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखना है। इस दौरान जिलाधिकारी ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि लगातार 15 दिनों तक खांसी आए तो बलगम की जांच करा लेनी चाहिए।क्योंकि बहुत सारे ऐसे भी लोग हैं जो खासी आने के बाद भी जांच कराने से कतराते हैं। जिसके चलते उनकी बीमारी जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है। और क्रिटीकल हो जाती है। ऐसे में इसका जांच और जांच के बाद निशुल्क इलाज ही इसका एकमात्र विकल्प है। ऐसे में आप शर्माए नहीं बल्कि टीबी रोग के लक्षण दिखने पर तत्काल जांच कराएं । इसका इलाज जिला अस्पताल के साथ ही जनपद के 14 ब्लॉकों में चल रहे स्वास्थ्य केंद्रों पर भी निशुल्क रूप से दिया जाता। इस दौरान जिलाधिकारी ने गोद लिए हुए टीबी मरीज को अपना मोमेंटो देकर सम्मानित करने का भी काम किया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरगोविंद सिंह ने बताया कि साल 2025 तक जनपद को टीबी मुक्त करने के उद्देश्य से भारत सरकार के द्वारा इस तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी के तहत आज जिलाधिकारी के द्वारा दो तरह के कार्यक्रम की लांचिंग की गई है। जिसमें जनपद में चिन्हित किए गए सात सौ टीबी मरीज को जनपद स्तरीय अधिकारियों के द्वारा गोद लिया जाना है। जिसमें खुद जिलाधिकारी ने 2 मरीजों को गोद लेकर उनके पोषण की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें पोषण पोटली भी उपलब्ध कराया।

डीपीसी डॉ मिथिलेश सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर पर टीबी की सेवाओं का विस्तार हेतु 24 मार्च 2022 से 13 अप्रैल 2022 तक कुल 21 दिन विशेष अभियान चलाकर क्षय रोगियों को खोजे जाने और उनका डाटा पोर्टल पर अपलोड करना शामिल है। जिससे अधिक से अधिक रोगियों का निशुल्क इलाज कराया जा सके और साल 2025 तक जनपद को टीबी मुक्त बनाया जा सके।

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