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एफ़एमसी प्रोजेक्ट से वायु गुणवत्ता में सुधार व ओवर-लोडिंग समस्या से निजात: प्रहलाद जोशी।

कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने एनसीएल में एफ़एमसी व सड़क परियोजनाओं का किया शिलान्यास।

एनसीएल सिंगरौली में मंगलवार को कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने माननीय कोयला, खान और रेल राज्य मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे की उपस्थिति में वर्चुअल माध्यम से 1500 करोड़ रुपये से अधिक की फ़र्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफएमसी) और सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी। कार्यक्रम के दौरान कोयला मंत्रालय भारत सरकार के सचिव डॉ अनिल कुमार जैन, अपर सचिव वीके तिवारी एवं एम नागराजू, सीएमडी कोल इंडिया प्रमोद अग्रवाल, सीएमडी एनसीएल भोला सिंह, एनसीएल व अन्य अनुषंगी कंपनियों के निदेशकगण, मंत्रालय व कोल इंडिया के अन्य वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री, भारत सरकार प्रल्हाद जोशी ने एनसीएल को लक्ष्य के अनुरूप कोयला उत्पादन व प्रेषण करने पर बधाई दी। श्री जोशी ने कहा कि एफ़एमसी प्रोजेक्ट के पूरा होने से वायु गुणवत्ता में सुधार होगा, अंडर-लोडिंग व ओवर-लोडिंग जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी और साथ ही खदान क्षेत्र में सड़क संरचना के विकास से बरसात के दौरान भी निर्बाध कोयला प्रेषण करने में मदद मिलेगी। इस दौरान कोयला, खान और रेल राज्य मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे ने टीम एनसीएल को बधाई देते हुए कहा कि इन एफएमसी परियोजनाओं के बनने से पर्यावरण के अनुकूल मशीनीकृत कोयला प्रेषण प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और एनसीएल की प्रति वर्ष 19.5 मिलियन टन कोयला प्रेषण क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजनाएं दीर्घकालिक और हरित प्रेषण की दिशा में कंपनी के प्रयासों में एक मील का पत्थर साबित होंगी।

आंतरिक सड़क निर्माण से ट्रैफिक जाम, वायु प्रदूषण में कमी आएगी और साथ ही सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी ।

इस अवसर पर उपस्थित सचिव, कोयला मंत्रालय, भारत सरकार डॉ अनिल कुमार जैन ने टीम एनसीएल को नई एफ़एमसी व सड़क परियोजनाओं के शिलान्यास हेतु बधाई दी और कहा कि यंत्रीकृत और पर्यावरणीय तरीकों से कोयला परिवहन और हरित खनन की दिशा में कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्य प्रशंसनीय हैं। इस दौरान कोल इंडिया सीएमडी प्रमोद अग्रवाल ने हरित व दीर्घकालिक खनन व स्वच्छ प्रेषण की दिशा में कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी और विश्वास जताया कि कंपनी राष्ट्र की ऊर्जा आत्मनिर्भरता में अहम भूमिका निभाती रहेगी।

इस वर्चुअल कार्यक्रम में कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने एनसीएल की निगाही परियोजना में 10 एमटीपीए के कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) की आधारशिला रखी। इसके साथ ही एनसीएल की बीना-ककरी परियोजना के लिए 9.5 एमटीपीए की वार्षिक क्षमता वाले एक अन्य कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) की आधारशिला रखी गई।

खदानों में आंतरिक कोयला परिवहन को बनेगी सड़कें-

इस अवसर पर कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी ने खदान के भीतर व आस पास के क्षेत्र में सड़क विकास परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी। इसके तहत यूपी और एमपी में स्थित एनसीएल की विभिन्न परियोजनाओं में खदानों के भीतर आंतरिक कोयला परिवहन के लिए कुल 49.6 किलोमीटर सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़क का निर्माण किया जाना है। इस परियोजना के तहत मध्य प्रदेश में अमलोरी, ब्लॉक-बी, निगाही, जयंत, झिंगुरदा और दुधिचुआ तथा उत्तर प्रदेश में खड़िया, बीना, ककरी और कृष्णशिला खदानों में सड़क बनाई जाएगी। इन सड़कों के बन जाने से खदानों में उत्पन्न धूल को कम करने, मानसून के दौरान परिवहन को आसान बनाने और वाहनों के रखरखाव में आने वाली लागत को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही इन सड़कों के माध्यम से वर्ष भर कोयला परिवहन सुचारु ढंग से किया जा सकेगा जबकि फिलहाल मॉनसून के दौरान कच्ची सड़कों पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

वेस्ट जयंत सब-स्टेशन से काँटा मोड़ तक बनेगी सड़क-

वेस्ट सब स्टेशन जयंत से कांटा मोड़ तक 3.1 किलोमीटर लंबी व 18 मीटर चौड़ी फाइव लेन सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़क के निर्माण की आधारशिला भी रखी गई। इस सड़क को डिवाइडर के माध्यम से कोयला परिवहन और आम जनता के उपयोग हेतु अलग-अलग किया गया है जिससे ट्रैफिक जाम, वायु प्रदूषण में कमी आएगी और साथ ही सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी।

ई-बुक “रीडिफाइनिंग ग्रीन” का हुआ विमोचन-

कार्यक्रम के दौरान एनसीएल की ई-बुक “रीडिफाइनिंग ग्रीन” का भी विमोचन किया गया। इस पुस्तक के माध्यम से स्थायी खनन प्रथाओं को बढ़ावा देने की दिशा में कंपनी के प्रयासों को प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक पर्यावरण, सामाज और कर्मियों की बेहतरी व कल्याण की दिशा में कंपनी की पहल को दर्शाती है। इस अवसर पर एनसीएल सीएमडी भोला सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और निदेशक तकनीकी (परियोजना एवं योजना) एसएस सिन्हा ने सभी परियोजनाओं का विवरण दिया। कार्यक्रम के अंत में निदेशक (तकनीकी/संचालन) डॉ अनिंद्य सिन्हा ने सभी अतिथियों को धन्यवाद दिया। गौरतलब है कि एफ़एमसी परियोजनाएं वायु प्रदूषण, ट्रैफिक की समस्याओं, और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव को कम करते हुए कोयले के हरित परिवहन को बढ़ावा देती हैं। दीर्घकालिक और हरित प्रेषण के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता के अनुरूप एनसीएल कुल 3,186 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय से आधुनिक तकनीकी से युक्त रेक लोडिंग सिस्टम प्रदान करने के लिए नौ एफएमसी परियोजनाओं पर कार्य कर रही है।

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