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उप”योगी” सरकार 2.0 : नई मंत्रिमंडल के संभावित चेहरे।

यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद योगी आदित्यनाथ 25 मार्च को इकाना स्टेडियम शपथ लेंगे। योगी सरकार के नए मंत्रिमंडल में मंत्रिमंडल के संभावित चेहरों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है और कयास लगाए जा रहे हैं कि पीएम मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की झलक नए मंत्रिमंडल में देखने को मिलेगी। मंत्रिमंडल में ऐसे चेहरों को खासा तौर पर तरजीह मिलेगी जो प्रदेश की राजनीति में आगामी 15-20 सालों तक समाज व क्षेत्र में भाजपा का नेतृत्व कर सकें। सूत्रों की माने तो करीब दो दर्जन कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की संभावना है और 10 से 12 स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री साथ ही दर्जन भर राज्य मंत्री बनाए जा सकते हैं।

25 मार्च को योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह के साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में मुख्यमंत्री पद की दोबारा शपथ लेंगे। सूत्रों की माने तो योगी मंत्रिमंडल को लेकर दिल्ली में राष्ट्रीय पदाधिकारियों के संग उत्तर प्रदेश भाजपा नेताओं बैठक संगठन महामंत्री बीएल संतोष की उपस्थिति में हुई थी, जिसमें क्षेत्रीय और जातीय समीकरण के हिसाब से करीब 70 नामों का एक पैनल तैयार किया गया है। 70 नामों के बीच से करीब तीन दर्जन नाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नई कैबिनेट के लिए शॉर्टलिस्ट कर लिए गए हैं। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में जो मंत्री बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए, उनकी छुट्टी तय है।

योगी सरकार के नए मंत्रिमंडल में संभावित चेहरे-

अपना दल को दो मंत्री पद दिए जाएंगे, अपना दल से आशीष पटेल का मंत्री बनना तय है (भाजपा की सहयोगी दल अपना दल सोनेलाल की मुखिया अनुप्रिया पटेल के पति आशीष पटेल)।

निषाद पार्टी के एक मंत्री योगी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाएंगे-श्रवण कुमार निषाद (भाजपा की सहयोगी दल निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे)।

असीम राय – (कुशीनगर की तमकुही राज विधानसभा, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को चुनाव मैदान में हराया)

स्वतंत्र देव सिंह- फ़िलहाल बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हैं, प्रदेश अध्यक्ष बनने से पहले भी वो योगी कैबिनेट का हिस्सा रहे हैं)।

दयाशंकर सिंह – (बलिया की सदर विधानसभा सीट से भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने जीत दर्ज की है, इस बार उनकी पत्नी स्वाति सिंह को पार्टी ने टिकट नहीं दिया)।

सुरेंद्र कुशवाहा – (फाजिलनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़े स्वामी प्रसाद मौर्या को भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र कुमार कुशवाहा ने चुनाव में शिकस्त दी)

केशव प्रसाद मौर्य (कौशांबी सिराथू), श्रीकान्त शर्मा (मथुरा), सिद्धार्थनाथ सिंह (प्रयागराज पश्चिमी), ब्रजेश पाठक (लखनऊ कैंट), नंदगोपाल नंदी (प्रयागराज), सूर्य प्रताप शाही (देवरिया), रामपाल वर्मा (बालामऊ-हरदोई 8 बार के विधायक), आशुतोष टंडन (लखनऊ इस्ट), मोहसिन रजा, अनिल राजभर (शिवपुर, वाराणसी), संदीप सिंह (अलीगढ़), ब्रजेश सिंह (देवबंद), राजीव सिंह बब्बू (दातागंज), राजेश चौधरी-(मथुरा के मांट से 7 बार के विधायक श्याम सुंदर शर्मा को हराया), पूर्व आईपीएस असीम अरुण (कन्नौज), राजेश्वर सिंह (सरोजनी नगर-ईडी में जॉइंट डायरेक्टर रहे)

जितिन प्रसाद (धौरहरा-लखीमपुर, कांग्रेस में रहे हैं), नितिन अग्रवाल (कद्दावर नेता नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल चुनाव से पहले ही भाजपा में शामिल हुए और उन्होंने जीत दर्ज की है), शलभमणि त्रिपाठी- (देवरिया सदर सीट- मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार),
अदिति सिंह- (रायबरेली सदर विधानसभा सीट से भाजपा ने पहली बार जीत दर्ज की, इसके पहले यह सीट कांग्रेस की सीट मानी जाती रही है), अनुराग सिंह- (भाजपा के कद्दावर नेता रहे ओमप्रकाश सिंह के बेटे अनुराग सिंह चुनार विधानसभा सीट), केतकी सिंह (बलिया जनपद की बांसडीह विधानसभा), महिलाओं में बेबी रानी मौर्य, (आगरा, उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को दलित चेहरे के रूप में डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा), अंजुला माहौर (हाथरस सदर- दलित महिला के रूप में एक बड़ा चेहरा), प्रतिभा शुक्ला (अकबरपुर विधानसभा)।

सूत्रों की माने तो इन संभावित चेहरों में से ही सभी जाति वर्गों का प्रतिनिधित्व देते हुए योगी सरकार के नए मंत्री मंडल के गठन की तस्वीर साफ होगी।

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