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राजा भैया के करीबी एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह भेजे जाएंगे जेल?

प्रतापगढ़ । बिग ब्रेकिंग ।

रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के करीबी माने जाने वाले निवृतमान एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह “गोपाल” को एमपी एमएलए कोर्ट (MP/MLA Court) के आदेश पर पुलिस ने कस्टडी में लिया है और प्रतापगढ़ में कोर्ट परिसर को सुरक्षा के मद्देनजर छावनी में तब्दील कर दिया गया है। एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह पर फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने का आरोप में कोर्ट ने दोषी करार दिया है। यूपी विधान परिषद चुनाव के लिए अक्षय प्रताप सिंह ने नामांकन कर दिया है और ऐसे में यदि सजा सुनाई जाती है तो उनके सियासी भविष्य पर संकट मंडरा सकते हैं।

कोर्ट परिसर में अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी।

धोखाधड़ी कर फर्जी पते पर लाइसेंस लेने का मामला-

कुंडा के बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के करीबी एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी को धोखाधड़ी कर गलत पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने दोषी करार दिया है। पिछले मंगलवार को कोर्ट में उपस्थित ना होने पर सजा सुनाने के लिए 22 मार्च की तिथि निर्धारित की गई थी। जिस क्रम में अक्षय प्रताप सिंह को पुलिस ने कस्टडी में ले लिया है।

कोर्ट परिसर छावनी में तब्दील, मौके पर आला पुलिस अफसर।

शस्त्र लाइसेंस जारी करने वाले अफसरों पर कार्रवाई-

एमपी एमएलए कोर्ट ने फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस जारी करने के लिए संस्तुति प्रमाण पत्र देने वाले पुलिस अफसरों व राजस्व कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों का दायित्व है कि लाइसेंस देने के मामले में आवेदन देने वाले की पते की विधिवत छानबीन हो और कोई कोताही न बरती जाए। कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर शस्त्र लाइसेंस देने के लिए संस्तुति करने वाले पुलिस अधिकारियों व राजस्व विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए कहा है।

कोर्ट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल का जमावड़ा।

पूरे मामले पर एक नजर-

नगर कोतवाली में 6 सितंबर 1997 को एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी के खिलाफ आईपीसी (IPC) की धारा 420, 468 व 471 के तहत फर्जी पते पर लाइसेंस लेने का मुकदमा दर्ज किया गया था। तत्कालीन कोतवाल डीपी शुक्ला की जांच में तथ्य सामने आया था कि अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी ने शस्त्र लाइसेंस लेने के लिए अपना पता बस अड्डा, नगर कोतवाली, प्रतापगढ़ दिखाया था। जबकि उनका वास्तविक पता जामो, सुल्तानपुर व हालमुकाम बेंती थाना हथिगवां है।

अक्षय प्रताप सिंह का सियासी भविष्य संकट में-

एमपी एमएलए कोर्ट का फैसला ऐसे समय में आया है जब एमएलसी चुनाव के नामांकन की प्रक्रिया चल रही है और दोषी करार दिए गए अक्षय प्रताप सिंह अपना नामांकन पहले ही कर चुके हैं। ऐसे में यदि आज अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी को सजा सुनाई जाती है तो उनके चुनाव लड़ने की संभावनाएं समाप्त हो जाएंगी और उत्तर प्रदेश की सियासत में उनका राजनीतिक भविष्य संकट में पड़ जाएगा।

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