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योगी मंत्रिमंडल में कौन बनेगा मंत्री? कवायद तेज, दिल्ली में बैठक?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए योगी के नेतृत्व में भाजपा ने प्रचंड जीत दर्ज की है और योगी आदित्यनाथ ने अपने विरोधियों के मुंह पर ताला जड़ दिया है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व पर सवाल खड़ा करने वालों के लिए उत्तर प्रदेश की जनता ने संदेश दे दिया है कि योगी के विजन और शासन को जनता स्वीकार करती है। प्रचंड बहुमत के जीत के साथ ही नए बनने वाली योगी मंत्रिमंडल से जनता की उम्मीदें बढ़ जाएंगी और इसे देखते हुए मंत्रिमंडल में किन चेहरों को शामिल किया जाए, जो भाजपा घोषणा पत्र को साकार करने हेतु तन्मयता से सामाजिक सरोकार से जुड़कर जनता के बीच विकास की गति को नई दिशा प्रदान कर सकें।

भाजपा नेताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मंत्रिमंडल के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में देश के लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित राज्यों के भाजपा मुख्यमंत्री शामिल होंगे। भाजपा प्रचंड जीत को बड़े संदेश के रूप में देना चाहती है और माना जा रहा है कि पांच राज्यों का विधानसभा चुनाव 2024 के लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल है।

राजनीतिक विशेषज्ञों की माने तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गठित होने वाली नए मंत्रिमंडल के सदस्यों के नाम पर मुहर लगाने के लिए दिल्ली में भाजपा आला नेताओं के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहीत अन्य वरिष्ठ नेता शुक्रवार को दिल्ली में बैठक कर सकते हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के नतीजों में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच यूपी में भाजपा की नई सरकार के गठन को लेकर समन्वय बैठक होगी। सूत्रों से प्राप्त जानकारी की माने तो मंत्रिमंडल के सदस्यों के नामों पर भाजपा और आर एस एस के वरिष्ठ अधिकारी के सहमति से ही मोहर लगेगी। नए बनने वाले योगी सरकार में उप मुख्यमंत्री बनाए जाएंगे या नहीं बनाए जाएंगे इसका निर्णय भी दिल्ली में होगा। माना जा रहा है कि इस बार योगी सरकार को भाजपा कार्य करने के लिए फ्री हैंड देगी।

योगी सरकार में इन्हें बनाया जा सकता है मंत्री –

योगी सरकार के नए मंत्रिमंडल के गठन की तस्वीर पर अनुमान लगाएं तो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, आगरा ग्रामीण से नवनिर्वाचित विधायक और उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को उपमुख्यमंत्री पद जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। पूर्व एडीजी और कन्नौज से नवनिर्वाचित असीम अरुण, प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व संयुक्त निदेशक और सरोजिनी नगर से नवनिर्वाचित विधायक राजेश्वर सिंह, पूर्व मंत्री ब्रजेश पाठक को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की अपार संभावना है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व एमएलसी अरविंद कुमार शर्मा को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इस बार के योगी सरकार के मंत्रिमंडल में अपना दल के विधायकों के साथ ही निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद को जगह मिलने की संभावना है। भाजपा अपने सहयोगी दलों से एक या दो मंत्री बना सकती है।

पिछले योगी सरकार में 5 वर्ष बीतने के बाद अंतिम समय में ओबरा विधायक संजीव गोंड़ को समाज कल्याण राज्य मंत्री बनाया गया और इस बार चुनाव में संजीव ने लगभग 36000 वोटों से जीत दर्ज की है। माना जा रहा है कि जनजातीय समाज को प्रतिनिधित्व देने के लिए संजीव गोंड़ फिर से मंत्रिमंडल में शामिल किए जा सकते है। सोनभद्र जनपद से एक और राज्य मंत्री पद मिलने का अनुमान है व सूत्रों की माने तो निकट भविष्य में एमएलसी के रास्ते जनपद के वरिष्ठ नेता को योगी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है?

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