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जानिए क्यों दिग्विजय सिंह समेत 6 को 1 साल की सजा हुई? : मध्य प्रदेश।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह उज्जैन में एक विवाद में नाम होने के कारण इंदौर जिला कोर्ट ने 1 साल की सजा सुनाई है। साथ ही पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू समेत 6 लोगों को सजा सुनाई गई है। सभी पर पांच हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। हालांकि कोर्ट ने राहत देते हुए पच्चीस हजार के मुचलके पर जमानत दे दी है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का ट्वीट। Photo : Social media

प्राप्त जानकारी अनुसार मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में हुए विवाद के मामले में जिला न्यायालय ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह समेत छह आरोपियों को एक-एक साल की सजा सुनाते हुए पांच-पांच हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। इसी मामले में तीन आरोपी बरी हो चुके हैं।

जानें क्या है मामला-

प्राप्त जानकारी अनुसार मामला वर्ष 2011 से जुड़ा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के तत्कालीन उज्जैन दौरे पर भाजपा युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं द्वारा काले झंडे दिखाने पर मारपीट की गई थी। उस समय इस मामले में दिग्विजय सिंह समेत प्रेमचंद गुड्डू, जय सिंह दरबार, मुकेश भाटी, नारायण मीणा, असलम लाला व महेश परमार पर विभिन्न धाराओं में उज्जैन भाजपा युवा मोर्चा नेता जयंत राव के जीवाजी गंज थाने में दिए तहरीर अनुसार मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में दिग्विजय सिंह शनिवार को इंदौर पहुंचे और जिला न्यायालय में पेश हुए। कोर्ट में जज ने सजा सुनाई और थोड़ी देर बाद ही जमानत मिल गई थी।

दिग्विजय सिंह ने बोला राजनीतिक दबाव में मेरा नाम केस में जोड़ा गया-

एक साल की सजा व ₹5000 जुर्माने का फैसला आने के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह लगभग 10 साल पुराना केस है और झूठा केस बनाकर राजनीतिक दबाव में मेरा नाम केस में जोड़ा गया। जो भी फैसला आया है उसका सम्मान करते हुए आगे अपील करेंगे। प्रेमचंद गुड्डू ने कहा कि कोर्ट ने जो फैसला दिया है उसके विरुद्ध हाई कोर्ट में अपील करेंगे। राजनीतिक दबाव में एक तरफा प्रकरण बनाया गया और झूठे तरीके से साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं।

दिग्विजय सिंह के वकील ने कहा-

एडवोकेट राहुल शर्मा ने बताया कि कोर्ट के फैसले के विरोध हाई कोर्ट में अपील करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के उज्जैन दौरे के दौरान जेड प्लस सुरक्षा के बीच युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने घुसकर काले झंडे दिखाए। शुरुआत में दिग्विजय सिंह प्रेमचंद गुड्डू और महेश परमार आदि का नाम F.I.R. में नहीं था इनको बाद में आरोपी बनाया गया। ₹25000 के मुचलके पर जमानत मिल चुकी है। हम ऊपर हाई कोर्ट में अपील करेंगे।

पूरे प्रकरण ने मध्य प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है और एक बार फिर शिवराज सिंह चौहान व दिग्विजय सिंह आमने-सामने हैं। कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि सरकार के दबाव में विपक्षी नेताओं पर मामले दर्ज किए जाते हैं। अब देखना यह है कि इस पूरे फैसले पर दिग्विजय सिंह जब हाई कोर्ट में अपील करते हैं तो क्या निर्णय आता है?

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