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होली का अर्थ है हम पास्ट का चिंतन ना करें: ब्रह्मकुमारी अवधेश दीदी।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के द्वारा “आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर” के अंतर्गत मध्य प्रदेश में लॉन्चिंग की गई। इसके अंतर्गत ब्रह्माकुमारीज के 20 प्रभागो द्वारा समाज की सेवा की जाएगी और हर प्रभाग के द्वारा 75-75 प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे। होली का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए ब्रम्हाकुमारी अवधेश दीदी ने कहा की होली का अर्थ है हम पास्ट का चिंतन ना करें। होली अर्थात जो हो लिया या जो बीत गया उसका चिंतन हम अब आगे ना करें, जो भी व्यर्थ और बुराइयां हैं उनका हम दहन करें। होली का दूसरा अर्थ पवित्रता से भी है, होली मनाना अर्थात अपने जीवन को पवित्र बनाना।

अवधेश दीदी ने कहा कि हम अपने जीवन में आनंद लेने के लिए आध्यात्मिकता को अपनाएं और गुणों को धारण करें, दूसरों के प्रति हमारे मन में जो भी बेर एवं कलुषित भावनाएं हैं उनको हम समाप्त करके नया जीवन प्रारंभ करें। इस अवसर पर राधा एवं कृष्ण का बहुत ही सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया गया और कार्यक्रम के अंत में फूलों से होली खेली गयी।

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