FEATUREDभोपालमध्यप्रदेश

उमा भारती ने शराब दुकान पर क्यों चलाएं पत्थर ? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती द्वारा उठाया गया पहला पत्थर मध्यप्रदेश में शराबबंदी की नींव खड़ा करने में अहम साबित होगा और उम्मीद जताई जा रही है कि इस कदम से शिवराज सरकार की नींद टूटेगी और शराब अब लोगो के घर तोड़ने का कारण नहीं बनेगी।

देश में पहली बार पूर्ण शराबबंदी बिहार राज्य में लागू की और उसके बाद लगभग सभी राज्यों में गाहे-बगाहे शराबबंदी की आवाज उठती रहती है। शराबबंदी के समर्थन में मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें शराब दुकान में घुसकर उमा भारती पत्थर से शराब की बोतल तोड़ती नजर आ रही है और कह रही है कि महिलाओं से शराबी बदतमीजी करते हैं। उमा भारती के शराबबंदी के समर्थन में उतरने से कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने भी उमा भारती की जमकर तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से शराबबंदी कानून लाने के ऊपर विचार करने को कहा है। उमा भारती का शराबबंदी अभियान शिवराज सरकार के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है। विश्व स्तर पर कह चुकी है कि राज्य में शराबबंदी होनी चाहिए। उमा भारती ने बीते दिनों कहा था कि शराब की दुकानों के आगे खड़ी होकर वहां की जनता से पूछेंगे कि क्षेत्र में दुकान चाहते हैं कि नहीं?

रविवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की एक शराब दुकान पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने पत्थर चला कर बोतल ले थोड़ी और पूर्ण शराबबंदी की मांग को जारी रखा। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती सॉन्ग करीब 4:00 बजे भेल क्षेत्र के बरखेड़ा पठानी पहुंची और वहां आजाद नगर में शराब की एक दुकान पर पत्थर बरसाईं। उमा भारती के इस कदम की तारीफ करते हुए कांग्रेस नेता जीतू पटवारी नहीं उमा भारती को साहसी कहते हुए बताया कि भाजपा में कोई तो नेता है जिसकी कथनी और करनी में अंतर नहीं है।

आजाद नगर शराब दुकान पर उमा भारती के पहुंचते ही स्थानीय रहवासियों की भीड़ जुट गई और उमा भारती ने पत्थर चला कर शराब की बोतलों को तोड़ दिया। उमा भारती की इस कदम से सहमे शराब ठेकेदार ने पुलिस चौकी सूचना नहीं दी। पूरी कार्रवाई के बाद उमा भारती ने कहा कि यह मजदूरों की बस्ती है और पास में ही मंदिर व स्कूल हैं। जब आसपास की महिलाएं अपनी छतों पर खड़ी होती है तो शराबी शराब के नशे में गंदे गंदे इशारे करते हैं, या महिलाओं का अपमान है। उमा भारती ने आगे कहा कि मजदूरों की पूरी कमाई इन शराब दुकानों में चली जाती है। बस्ती वालों ने शराब दुकान का कई का विरोध किया लेकिन प्रशासन हर बार बंद करने का भरोसा दिला कर दुकान को हमेशा चालू रखती है। उमा भारती ने स्थानीय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर यह शराब दुकान बंद होना चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button