उत्तर प्रदेशमेरठ

चचेरा भाई ही निकला किडनैपर, दोस्तों संग मिल रचा साजिश।

अपह्रत छात्र को पुलिस ने किया बरामद, एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने प्रेस वार्ता में किया खुलासा।

मेरठ। अपहरण से जुड़े अधिकतर मामलों में अपहृत व्यक्ति के परिजन या नजदीकी रिश्तेदार ही मुख्य साजिशकर्ता होते हैं और कम समय में ज्यादा पैसे कमाने की लालच या रिश्तो में खटास या जमीनी विवाद आदि मुख्य कारण बनते हैं अपहरण जैसे अपराध अंजाम देने में। ऐसा ही एक मामला मेरठ जनपद से जुड़ा हुआ है जहां चचेरे भाई नहीं अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपहरण का खेल रच दिया। जनपद के कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र में नौ वर्षीय प्रिंस को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया। प्रिंस को अगवा करने में उसका चचेरा भाई रजत और उसके चार साथी शामिल थे। जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

थाना कंकरखेड़ा इलाके के नंगलाताशी निवासी जयसिंह का नौ साल का बेटा प्रिंस के बुधवार को अगवा होने की खबर ने परिवार समेत समूचे इलाके में कोहराम मचा दिया था। पुलिस ने कंकरखेड़ा थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर खोजबीन शुरू कर दी थी। तभी पुलिस को परिजनों ने बताया कि प्रिंस को वापस लौटाने के एवज में बदमाशों ने 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी है। पूरे मामले पर पैनी नजर नजर बनाते हुए पुलिस अधीक्षक ने कई जांच टीम गठित किए और ऑपरेशन को अपने निर्देशन में आगे प्रारंभ किया। 24 घंटे में ही कंकरखेड़ा थाना पुलिस ने प्रिंस को सकुशल लिसाड़ी गेट इलाके से बरामद कर लिया।

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने इस घटना का खुलासा प्रेस वार्ता में करते हुए बताया कि प्रिंस को उसके ताऊ के बेटे रजत ने अपने चार दोस्तों जुबैर, जुनेद, सुमित व अन्य के साथ मिलकर अगवा किया था। रजत का अपने चाचा जय सिंह से विवाद था जिसके चलते उसने ये वारदात की थी।

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