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Oyo Hotel में बुकिंग के नाम पर फ्रॉड करने वाले गैंग का पर्दाफाश।

05 अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से 02 लैपटॉप, 01 डेस्कटॉप सेट, 10 मोबाइल, आधार कार्ड, पेन ड्राईव व 17 सिम कार्ड बरामद।

नोएडा। स्मार्टफोन के जमाने में हर कोई डिजिटल इंडिया के साथ उड़ान भरना चाहता है और जब से ओयो होटल के रूप में ऑनलाइन होटल बुकिंग की सुविधा ग्राहकों को मिली है तब से हर कोई यात्रा के स्थान पर पहुंचने से पूर्व ऑनलाइन होटल बुकिंग में दिलचस्पी लेने लगा है। पर ग्राहकों के बीच ओयो होटल की बढ़ती मांग के साथ ही जालसाजों ने फ्रॉड का धंधा भी शुरू कर दिया है और सस्ते दामों पर गुणवत्ता युक्त होटल रूम उपलब्ध कराने के नाम पर साइबर फ्रॉड धड़ल्ले से जारी है। ऐसे ही होटल बुकिंग के नाम पर फ्रॉड करने वाले राष्ट्रीय सिंडिकेट का नोएडा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।

थाना सेक्टर-58 नोएडा पुलिस द्वारा ओयो होटल में बुकिंग के नाम पर पूरे देश में साईबर फ्रॉड करने वाले गैंग का पर्दाफाश कर 05 अभियुक्त रवि शर्मा पुत्र भगवान दास शर्मा, रोहित चौधरी पुत्र अजीत चौधरी, कमल किशोर गुप्ता पुत्र गणेश प्रसाद गुप्ता, गौरव दूबे पुत्र अरविन्द दूबे, अमित बाल्मीकि पुत्र बंटी को थाना क्षेत्र के नवादा स्थित पीजी सेक्टर-62, नोएडा से गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों के कब्जे से 02 लैपटॉप, 01 डेस्कटॉप सेट, 10 मोबाइल फोन, 35 आधार कार्ड, पेन ड्राईव व 17 सिम कार्ड बरामद किये गए है।

अभियुक्त रवि शर्मा द्वारा बताया गया कि उसने जयपुर के प्रतिष्ठित डीम्ड कॉलेज से बीसीए करने के पश्चात नोएडा के सेक्टर-60 में स्थित एमएनसी कम्पनी में 2-3 वर्ष पूर्व नौकरी शुरू की, जहां वह ओयो कॉल सेन्टर में टीम लीडर के पद पर कार्यरत रहा। पूर्ण प्रशिक्षित होने के पश्चात इसने उसी ओयो कॉल सेन्टर में काम करने वाले रोहित चौधरी से मिलकर कम्पनी का ओयो का आईडी व पासवर्ड प्राप्त कर लिया। दोनों एक वर्ष पूर्व इनाजाईजर से काम करना बंद कर नवादा स्थित पीजी के एक कमरे में ओयो में फ्रॉड गिरी का गोरखधंधा चलाने लगे। जिसमें इन दोनो ने CZINTRIX सॉफ्टवेयर डेवलप कर इस सॉफ्टवेयर से ओयो का डाटा निकाल लेते थे, फिर इस डाटा को ‘‘ओयो मैनेज पेमेन्ट एप लिंक‘‘ से जोडकर कस्टमर की डिटेल्स प्राप्त कर लेते थे। तत्पश्चात ओयो ग्राहक को गुमराह करके अपने बनाये गये फोनपे/गूगलपे/पेटीएम क्यूआर कोड को कस्टमर के व्हाटसएप पर भेजकर अपने खोले गये विभिन्न एकाउन्टो में पैसा डलवा लेते थे, उसके पश्चात फ्रॉड गिरी में आये पैसे में से कुछ पैसा एकाउन्ट धारक को देकर बकाया पैसा एकाउन्ट धारक से प्राप्त कर लेते थे।

ओयो फर्जीवाडे में विभिन्न एकाउन्ट खुलवाने का कार्य कमल किशोर गुप्ता व गौरव दूबे अपने साथी अमित बाल्मीकि के साथ मिलकर करते थे। यह सभी मिलकर पहले फर्जी आधार बनवाते थे, फिर फर्जी एकाउन्ट खुलवाते थे। यह लोग अधिकतर यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल व तमिलनाडू में फर्जीवाड़े की घटना को अंजाम देते थे। इस पुरे फर्जीवाडे का सरगना रवि शर्मा है जो फर्जीवाडे की गैंग को चला रहा था। रवि शर्मा के खाते को चेक कराया गया तो पता चला कि 4,50,000 रूपये इसके एकाउन्ट में है, इसी प्रकार कमल किशोर के खाते 1,50,000 रूपये व गौरव दूबे के खाते में 1,80,000 रूपये है जिसे फ्रीज कराया जा रहा है।

कम समय में ज्यादा पैसा कमाने की लालच में पढ़े-लिखे कुछ युवा साइबर क्राइम की तरफ रुख कर रहे हैं। ओयो रूम में होटल बुकिंग के नाम पर फर्जीवाड़े के खेल ने पढ़े-लिखे युवा लड़कों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

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