उत्तर प्रदेशधर्म/संस्कृतिनोएडा/गौतम बुद्ध नगर

योग शक्ति से भगाएंगे भारतीय संस्कृति को बर्बाद करने वाली भोग शक्ति को: धनंजय देसाई।

नोएडा सेक्टर 29 स्थित नोएडा मीडिया क्लब में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें मुद्दा उठाया गया कि भारतीय संस्कृति की रक्षा करने वाले साधु-संतो के खिलाफ साजिश हो रही है। प्रेसवार्ता में भारतीय सनातन संस्कृति और हिंदुत्व के मुद्दे पर बोलने वाले हिन्दू राष्ट्र सेना के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष धनंजय देसाई ने कहा कि सनातन धर्म में साधुओं का सम्मान किए बगैर हिंदुत्व नहीं हो सकता। हिंदू संतों पर लगातार हमले हो रहे हैं। आशाराम बापू के ऊपर लांछन लगाया लगाकर उन्हें फंसाया गया। ये सांसारिक भोग शक्ति नही चाहती कि हिंदुस्तान पनपे लेकिन जिसने भी भारत और भारत की संस्कृति के साथ खेला है वो खुद टूट गया है लेकिन आजतल भारत और भारतीय संस्कृति का कुछ नकहि बिगड़ पाया। इन भोग शक्तियों को योग शक्तियों से मिटाएंगे और इसी हम हर जिले में जाकर प्रेस वार्ता कर सही और गलत बताया रहे हैं। साधु संतों के ऊपर इस तरह झूठे केस लगाकर जिससे ना केवल भारतीय संस्कृति, भारतीय जीवन और सनातन धर्म में भी लांछन लगाया जा रहा है। वल्कि ये सब मिटाने की साजिश चल रही जोकि कभी भी पूरी होगी। उन्होंने कहा कि मीडिया के जरिये वो अपनी बात जान मानस तक पहुंचा रहे है।

धनंजय देसाई ने आगे कहा कि संत परंपरा धरोहर की रक्षा करना यह हमारे कुलाचार में आता है। सनातन धर्म मेरे कुल की मर्यादा में है। उस सनातन धर्म के साधुओं का सम्मान हिंदू धर्म का फर्ज है। उन्होंने कहा कि आशाराम बापू को ये चीज सहते हुए 9 वर्ष 2 माह हो गए है। मैं न तो आशाराम बापू से कभी मिला हूं और न ही मैंने उनसे दीक्षा ली है पर उनको छुड़वाना और राष्ट्र की सुरक्षा करना हमारे कुल का दायित्व है। जिस तरह से उस समय एक फेक वीडियो बनाकर जनता के बीच परोसा गया वो झूठ था। जिस लड़की ने लाँछन लगाया उसके दस्ताबेज मेरे पास है और तीन तीन नकली आधार कार्ड पर डेट ऑफ बर्थ के कागज है। उस लड़की को अंडर एटीन इसलिए रखा गया ताकि कोर्ट में कोई पूंछतांछ न हो और बाबा को जल्द जल्द सजा हो जाये। वही अबतक हुए कई बाबाओ पर हत्याचार और लांछन लगे बाबाओ को नाम लेकर बताया और कहा कि ये देश की संस्कृति को बिगाड़ने का काम चल रहा है। वही बाबा राम रहीम के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभीतक मैने उनके बारे ज्यादा पढ़ा भी नही है और न ही सोध किया और न ही उनके अनुयाई मेरे पास आये है कि कुछ मुझे उनके बारे में बताते।

साथ ही उन्होंने कहा कि ये देश विरोधी ताकतें है जो इस तरह देश के बाबाओं और संस्कृति को चोट पंहुचा रही है। उन्होंने कहा कि ये लड़ाई बापू अकेले नहीं लड़ रहे, ये हम सबकी लड़ाई है। उनको जेल से छुड़वाना हमारा कर्तव्य है। 85 वर्ष की उम्र और स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद उनको न तो बेल मिल रही है और न ही पैरोल दी जा रही है। आशाराम बापू जैसे महापुरुषों की समाज को बहुत आवश्यकता है।

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