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सोनभद्र एवं मिर्जापुर जिलों के स्टेशनों से किसान रेल परिचालन हेतु सांसद ने रेल मंत्री को सौंपा पत्र।

सोनभद्र। कृषकों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में परिचालित ‘किसान रेल ‘ के दूरगामी परिणाम देखने को मिल रहे हैं। इस ट्रेन की सुविधा से किसान अपने उत्पादित उपज को दूसरे राज्यों की मंडी में आसानी पूर्वक भेज रहे हैं, जिससे उनकी उपज का उचित मूल्य भी मिल रहा है। इसी को देखते हुए राज्यसभा सांसद राम शकल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र सौंपकर मांग की उत्तर प्रदेश के दक्षिणांचल स्थित सोनभद्र तथा मिर्ज़ापुर जिलों में किसानों द्वारा टमाटर, परवल, मिर्च आदि सब्जियां बहुतायत में पैदा की जा रही हैं तथा किसान भारी मात्रा में केला एवँ ड्रैगन फ्रूट भी उत्पादन कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त आकांक्षी जिला सोनभद्र से सटे झारखण्ड के पलामू, डाल्टनगंज जिले भी सब्जियों के उत्पादन के लिये जाने जाते हैं। सांसद ने अपने पत्र के माध्यम से सुझाव दिया है कि बरवाडीह से डालटनगंज, गढ़वा, दुद्धी, रेणुकूट, चोपन, सोनभद्र, मिर्ज़ापुर स्टेशनों से होते हुए दिल्ली के लिए एक किसान रेल का परिचालन प्रांरभ किया जाय। इससे किसानों को अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिल सकेगा, साथ ही साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुसार उनकी आय भी दोगुनी हो सकेगी। किसानों की आय में वृद्धि के साथ ही रेलवे का राजस्व संग्रह में भी वृद्धि होगी।

सांसद के किसान रेल सम्बंधित पत्र पर क्षेत्रीय रेल सलाहकार समिति, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज जोन एसके गौतम ने बताया कि सांसद जी ने मेरे सुझाव पर यह पत्र लिखा है तथा मेरे दिए प्रस्ताव पर 6 सितंबर 2021 से उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज द्वारा पहली किसान रेल आगरा के यमुना ब्रिज रेलवे स्टेशन से आसाम के लिए 270 टन आलू लोड करके भेजी गई है। किसान रेल में किसानों को सामान्य पार्सल दरों की तुलना में पचास प्रतिशत कम शुल्क देना होगा। यह योजना भारत सरकार की एक पहल है, जिसमें किसानों को फल, सब्जियों और डेयरी उत्पादों सहित उनकी उपज की बुकिंग के समय परिवहन पर 50 फीसदी सब्सिडी भी दी जाती है।

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