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एनटीपीसी प्रबंधन ने वेतन भुगतान की मांग कर रहे मजदूर प्रतिनिधिमंडल से की वार्ता।

एनटीपीसी अधिकारियों ने मौखिक रूप से कहा प्रबंधन करेगा मजदूरों का वेतन भुगतान।

शक्तिनगर। एक सप्ताह से ईपीएफ व वेतन भुगतान की मांग पर डटे मजदूर प्रतिनिधिमंडल से एनटीपीसी प्रबंधन अधिकारियों ने बैठक कर गतिरोध कम करने का प्रयास किया और कहा कि यदि यूपीपीएल व बीएचईएल द्वारा वेतन भुगतान नहीं किया जाता है तो एनटीपीसी प्रबंधन सीधा मजदूरों का वेतन भुगतान करेगी। एक समय अवधि के अंदर यूपीपीएल से कार्य करा लिया जाएगा और मजदूरों का फाइनल वेतन भुगतान भी प्रबंधन द्वारा कराया जाएगा। एनटीपीसी प्रबंधन की तरफ से कार्मिक अधिकारी पुरुषोत्तम लाल व गौतम भाटिया उपस्थित रहे। वही मजदूर प्रतिनिधि मंडल में रोशन श्रीवास्तव, सतीश चंद्र तिवारी, यूसी तिवारी, कृष्ण कुमार, कैलाश पाल, छट्ठू सिंह, सुनील सिंह व राजन यादव उपस्थित रहे।

एनटीपीसी प्रबंधन से वार्ता किए जाते हुए मजदूर प्रतिनिधिमंडल।

यूपीपीएल व बीएचईएल के बीच वेतन व ईपीएफ भुगतान के लिए पीस रहे मजदूर, जिम्मेदार मौन।

एनटीपीसी शक्तिनगर अंतर्गत कार्यरत संविदाकार कंपनी बीएचईएल के और उपसंविदाकार यूनिफाइड पावर प्राइवेट लिमिटेड (यूपीपीएल) के मजदूरों द्वारा ईपीएफ व वेतन भुगतान की मांग करने पर वैद्य गेट पास होने के बावजूद पिछले लगभग एक सप्ताह से मजदूरों के प्लांट प्रवेश पर रोक, समझ के परे है। मजदूरों ने अपने कार्य के बदले, प्रबंधन द्वारा दी समय अवधि बीतने के बाद, जब वेतन भुगतान की मांग किया तो यूपीपीएल व बीएचईएल द्वारा एक दूसरे पर भुगतान करने का दोषारोपण शुरू कर दिया। मजदूरों का आरोप है कि यूपीपीएल कंपनी ने अप्रैल से जून तक का ईपीएफ व जून महीने का वेतन भुगतान नहीं किया है।

शनिवार को एनटीपीसी शक्तिनगर बीएचईएल गेट के बाहर मजदूरों के बीच पहुंचे यूपीपीएल के डायरेक्टर यूसी चक्रवर्ती ने मजदूरों के छंटनी व टेंडर खत्म होने पर छंटनी किए मजदूरों का फाइनल भुगतान कराने की बात कही तो मजदूर आक्रोशित हो गए। श्री चक्रवर्ती बार-बार जिला श्रम आयुक्त के यहां जाने की मजदूरों को सलाह दे रहे थे।

ठेका मजदूरों का हो रहा अमानवीय शोषण: छट्ठू सिंह

यूपीपीएल के अंदर कार्यरत संविदा मजदूरों के ईपीएफ व वेतन भुगतान की मांग पर जनता मजदूर संघ द्वारा एनटीपीसी प्रबंधक के नाम पत्रक जारी किया गया है। जिसके माध्यम से जोनल सचिव छट्ठू सिंह ने प्रबंधन से मांग किया है कि यदि मजदूरों की छटनी करनी है तो केंद्रीय श्रम नियमों के अनुसार मजदूरों को छटनी लाभ, ग्रेच्युटी, सिक लीव इत्यादि प्रदान किया जाए। जो मजदूर कार्य करने को इच्छुक हो उन्हें कार्य पर वापस लिया जाए और मजदूरों का शत-प्रतिशत वेतन भुगतान किया जाए।

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